Зоғ гуфт : аломати маваддат ёрон онаст ки бо дӯстони мардуми дӯст , ва бо душманон душман бошанд . Ва имрӯзи асоси муҳаббати миёни ман ва ту ҷинон таъкидӣ ёфт ки ёри ман он кас тавонад буд ки аз аизоӣ ту бипарҳезаду талаби ризои ту воҷиби шиносад . Ва хатарӣ надорад наздики ман инқитоъ аз онкӣ бо ту нпиўндду иттисоли бадв ки аз дшмноигии ту бабрад . Бъзоими марди он лоиқ ки агар аз чашму забон , ки дидбони тану тарҷумон диланд , хилофии шиносади бики ишорат ҳар дуро ботил гирданд , ва агар аз он ваҷҳе ранҷӣ бинад айни роҳати пиндорад .
زاغ گفت: علامت مودت یاران آنست که با دوستان مردم دوست، و با دشمنان دشمن باشند. و امروز اساس محبت میان من و تو جنان تاکیدی یافت که یار من آن کس تواند بود که از ایذای تو بپرهیزد و طلب رضای تو واجب شناسد. و خطری ندارد نزدیک من انقطاع از آنکه با تو نپیوندد و اتصال بدو که از دشمنایگی تو ببرد. بعزایم مرد آن لایق که اگر از چشم و زبان، که دیدبان تن و ترجمان دل اند، خلافی شناسد بیک اشارت هر دو را باطل گرداند، و اگر از آن وجهی رنجی بیند عین راحت پندارد.
Узвии зтўгар дӯст шавад бо душман
عضوی زتو گر دوست شود با دشمن
Душмани ду шимури теғи ду каши захми ду зан
دشمن دو شمر تیغ دو کش زخم دو زن
Ва боғбони устодро расмаст ки агар дар миёни раёҳини гиёҳӣ нохуш бинад برارد . Мӯши қавии дил берун омаду зоғро гарм бипурсед , ва ҳараду бадӣдори як дигари шоди гаштанд .
و باغبان استاد را رسم است که اگر در میان ریاحین گیاهی ناخوش بیند برآرد. موش قوی دل بیرون آمد و زاغ را گرم بپرسید، و هرد و بدیدار یک دیگر شاد گشتند.