Соқӣ бидиҳ паймонае зон май ки бехешам кунад
ساقی بده پیمانهای زآن می که بیخویشم کند
Бар ҳасани шӯрангези ту ошиқтар аз пешам кунад
بر حسن شورانگیز تو عاشقتر از پیشم کند
Зон май ки дар шабҳои ғами боради фурӯғи субҳдам
زان می که در شبهای غم بارد فروغ صبحدم
Ғофил кунад аз беш ва кам фориғи з ташвишам кунад
غافل کند از بیش و کم فارغ ز تشویشم کند
Нур саҳаргоҳӣ диҳад файзӣ ки мехоҳӣ диҳад
نور سحرگاهی دهد فیضی که میخواهی دهد
Бо масканат шоҳӣ диҳад султон дарвешам кунад
با مسکنت شاهی دهد سلطان درویشم کند
Сӯзад маро созад маро дар оташ андозад маро
سوزد مرا سازد مرا در آتش اندازد مرا
Вази ман раҳо созад марои бегона аз хешам кунад
وز من رها سازد مرا بیگانه از خویشم کند
Бастанд эй сарви сеӣ ! савдоӣ ҳастӣ аз раҳе
بستاند ای سرو سهی! سودای هستی از رهی
Яғмо кунад андешаро давр аз бдондишм кунад
یغما کند اندیشه را دور از بداندیشم کند