Гар шавад он рӯй равшани ҷилвагар ҳангоми субҳ

گر شود آن روی روشن جلوه‌گر هنگام صبح

Пеши рухсорат касе бар лаб наёрад номи субҳ

پیش رخسارت کسی بر لب نیارد نام صبح

Аз биногваши туу зулф туам омад ба ёд

از بناگوش تو و زلف توام آمد به یاد

Чун дамид аз пардаи шаб рӯй симини фоми субҳ

چون دمید از پرده شب روی سیمین‌فام صبح

Ним шаб бо гиряи мастонаи ҳолеи доштам

نیم‌شب با گریه مستانه حالی داشتم

Талх шуд айши ман аз лабханд бе ҳангоми субҳ

تلخ شد عیش من از لبخند بی‌هنگام صبح

Хобро бадрӯд кун каз симгун соғар дамид

خواب را بدرود کن کز سیمگون ساغر دمید

Партав май чун фурӯғи офтоб аз ҷоми субҳ

پرتو می چون فروغ آفتاب از جام صبح

Шасти вшў дар чашма хуршед кард аз он сабаб

شست‌وشو در چشمه خورشید کرد از آن سبب

Нур ҳастӣ бахш май боради зи ҳафт андоми субҳ

نور هستی بخش می‌بارد ز هفت اندام صبح

Гар нанӯшидааст дар хилват набед машки буи

گر ننوشیده است در خلوت نبید مشک بوی

Аз чаҳ ояд ҳар нафаси буии биҳишт аз коми субҳ ?

از چه آید هر نفس بوی بهشت از کام صبح ؟

Май дӯди ҳрсўи гиребони чок аз бе тоқатӣ

می‌دود هرسو گریبان چاک از بی‌طاقتی

То куҷо ором гирад ҷон бе ороми субҳ ?

تا کجا آرام گیرد جان بی‌آرام صبح ؟

Маънии маргу ҳаёт эй нафаси кӯтаҳ байн якеаст

معنی مرگ و حیات ای نفس کوته‌بین یکیست

Нест фарқии байни оғози шабу анҷоми субҳ

نیست فرقی بین آغاز شب و انجام صبح

Ин манам каз нола ва зорӣ наёсоем дамӣ

این منم کز ناله و زاری نیاسایم دمی

Варна оромиши пазиради мурғи шаби ҳангоми субҳ

ورنه آرامش پذیرد مرغ شب هنگام صبح

Ҷилваи ман як нафас чун субҳи равшан беш нест

جلوه من یک نفس چون صبح روشن بیش نیست

Дар шикархандӣаст фарҷоми ману фарҷоми субҳ

در شکرخندی است فرجام من و فرجام صبح

Умри кӯтоҳами раҳе дар шоми танҳои гузашт

عمر کوتاهم رهی در شام تنهایی گذشت

Мардум ва нишнидам аз хўршидрўиии номи субҳ

مردم و نشنیدم از خورشیدرویی نام صبح

Хониш
лбхнд сбҳдм — ъндлӣб
лбхнд сбҳдм — нознӣн бозӣон