Шаби ёри ман табасту ғами синаи сӯзи ҳам
شب یار من تب است و غم سینهسوز هم
Танҳо на шаб дар оташам эй гул ки рӯзи ҳам
تنها نه شب در آتشم ای گل که روز هم
эй ашки ҳимматӣ ки ба кишти вуҷӯди ман
ای اشک همتی که به کشت وجود من
Оташ фиканд оҳу дили синаи сӯзи ҳам
آتش فکند آه و دل سینهسوز هم
Гуфтам : ки бо ту шамъи тараб тобнок нест
گفتم: که با تو شمع طرب تابناک نیست
Гуфто : ки симгуни ма гетӣ фурӯз ҳам
گفتا: که سیمگون مه گیتیفروز هم
Гуфтам : ки баъд аз он ҳамаи дилҳо ки сӯхтӣ
گفتم: که بعد از آن همه دلها که سوختی
Кас мехӯрд фиреби ту ? гуфто : ҳануз ҳам
کس میخورد فریب تو؟ گفتا: هنوز هم
эй ғами магари ту ёри шӯй варна бо раҳе
ای غم مگر تو یار شوی ورنه با رهی
Дил душманаст ва он санам дил фурӯз ҳам
دل دشمن است و آن صنم دلفروز هم