Исмаши аҳмдхону аслаш аз он базраи нузҳати бунён . Дар некии фитрати маърӯфи офоқ ва ба базлу самоҳат дар он влои тоқ . Ҳамвора бо аҳли камоли маҷолис ва бо арбоби ҳоли мؤонс . Бо фақиронаши лутф беандозау сяти фақраши баланди овоза . Гӯйанд дар пеши урафои мтأхрини таҳзиби ахлоқу тасфияу тазкия нФсиаҳ карда . Мулоқоташи дасти надоду зиёда аз ҳолаши итилоъӣ ба ҳам нарасед . Аз ӯст :
اسمش احمدخان و اصلش از آن بذرهٔ نزهت بنیان. در نیکیِ فطرت معروف آفاق و به بذل و سماحت در آن ولا طاق. همواره با اهل کمال مجالس و با ارباب حال مؤانس. با فقیرانش لطف بی اندازه و صیت فقرش بلند آوازه. گویند در پیش عرفای متأخرین تهذیب اخلاق و تصفیه و تزکیهٔ نفسیه کرده. ملاقاتش دست نداد و زیاده از حالش اطلاعی به هم نرسید. از اوست:
Ту маҷнӯни нестӣ то ҳасани Лайлии ҷилвагар бинӣ
تو مجنون نیستی تا حسن لیلی جلوه گر بینی
Бирав Вомиқи шӯ ва онгаҳ назар кун рӯй узро ро
برو وامق شو و آنگه نظر کن روی عذرا را
Замонии гӯш ҷон бигушо ки дар тасбеҳи ҳақи ёбӣ
زمانی گوش جان بگشا که در تسبیح حق یابی
Чу ҳуҷҷоҷи ҳарами овози ноқавси килисо ро
چو حجاج حرم آواز ناقوس کلیسا را
Чу хоҳии ҷазбаи пайғамбарӣ ва ишқ бишносӣ
چو خواهی جذبهٔ پیغمبری و عشق بشناسی
Нигаҳ кун ҳасрати ёқӯбӣу васли Зулайхо ро
نگه کن حسرت یعقوبی و وصل زلیخا را
з рӯйу мӯии ту имону куфри гашти падед
ز روی و موی تو ایمان و کفر گشت پدید
Ки фарқ дод зи ҳам каъбау килисо ро
که فرق داد ز هم کعبه و کلیسا را
Ҳасани ёри мост дар ҳар ҷо ки дилҳо май барад
حسن یار ماست در هر جا که دلها میبرد
Гарчи ҳар дилдодаеро длстон дигар аст
گرچه هر دلدادهای را دلستان دیگر است
Сарву гул хораст дар чашмам ки андари дили маро
سرو و گل خار است در چشمم که اندر دل مرا
Гулистони дигари всрўи равон дигар аст
گلستان دیگر وسرو روان دیگر است
Ҷузи яке беш мадони нозиру манзуру назар
جز یکی بیش مدان ناظر و منظور و نظر
Бош як байну фурӯи банди ду чашми ҳавлӣ
باش یک بین و فرو بند دو چشم حولی
Ошкороу ниҳони ҳамчуи аёнии шабу рӯз
آشکارا و نهان همچو عیانی شب و روز
То нафас ҳаст алии гӯйу алии гӯии алӣ
تا نفس هست علی گوی و علی گوی علی