Исми шарифаши оқои Сайиди ризо . Халафи алсдқи ҷаноби оқои мейри фозили ҳиндӯстонӣ . Обоу аҷдодаши ҳамаи содоти олии дараҷоту фузалои сутӯда ҳолот бӯдаанд . Ҳоло ] волид [ моҷдши мейри фозил ба Эрони тавваҷуҳи фармӯда ва дар доруссалтанаи Исфаҳон тўтн намӯда . Шаҷараи силсилаи алайҳи сиёдаташ ба бист восита камобеш ба иброҳӣми бен эмомҳамам Мӯсои алкозмؑмии пайвандад ва дар санаи ҳазор ва дивист ва бист ва ду ба ҷавори раҳмати илоҳии пайваста . Худ ҷаноби Сайиди ризои баъди азтҳсили улӯми зоҳирӣ ба тасфияи нафасу сулӯки пардохтау риштаи суҳбат аз мейру мулӯки қатъи сохта ба риёзоти шаръӣау ибодоти қалбӣаи кӯшидау бодаи завқ ва ҳол нӯшед . Ба маротиби олӣ фоиз шуд ва дар сана ] 1222 [ риҳлат намӯд . Гӯйанд аз суҳбати аҳли дунёи руста ва бо асҳоби ҳоли пайваста буд ва гоҳе фикр шеърӣ менамӯд , ғазалӣу маснавии мавзун май фармӯда . Фақири ашъор ӯро мураттаб ва мудавван намӯда , дебочаи мухтасар бар девон ӯ нигошта ва ин абётро аз он мунтахаб дошта ва дар ин дафтари марқӯм ва сабт намӯд :

اسم شریفش آقا سید رضا. خلف الصدق جناب آقا میر فاضل هندوستانی. آبا و اجدادش همه سادات عالی درجات و فضلای ستوده حالات بوده‌اند. حالا]والد[ماجدش میر فاضل به ایران توجه فرموده و در دارالسلطنهٔ اصفهان توطن نموده. شجرهٔ سلسلهٔ علیهٔ سیادتش به بیست واسطه کمابیش به ابراهیم بن امام همام موسی الکاظمؑمی‌پیوندد و در سنهٔ هزار و دویست و بیست و دو به جوار رحمت الهی پیوسته. خود جناب سید رضا بعد ازتحصیل علوم ظاهری به تصفیهٔ نفس و سلوک پرداخته و رشتهٔ صحبت از میر و ملوک قطع ساخته به ریاضات شرعیه و عبادات قلبیه کوشیده و بادهٔ ذوق و حال نوشید. به مراتب عالی فایض شد و در سنهٔ]۱۲۲۲[رحلت نمود. گویند از صحبت اهل دنیا رسته و با اصحاب حال پیوسته بود و گاهی فکر شعری می‌نمود، غزلی و مثنوی موزون می‌فرموده. فقیر اشعار او را مرتب و مدون نموده، دیباچهٔ مختصر بر دیوان او نگاشته و این ابیات را از آن منتخب داشته و در این دفتر مرقوم و ثبت نمود:

Мнғзлётаҳи қудси рӯҳа

مِنْغزلیّاته قُدِّسَ رِوْحُه

Дорад он лаҳзаи фироқ аз ғами олами дили мо

دارد آن لحظه فراغ از غم عالم دل ما

Ки сари кӯии харобот буд манзили мо

که سر کوی خرابات بود منزل ما

Буии ҳасрати шунӯд то абад ар бӯед кас

بوی حسرت شنود تا ابد ار بوید کس

Ҳар гиёҳӣ ки пас аз марги дамад аз гули мо

هر گیاهی که پس از مرگ دمد از گل ما

Мапурс аз ман ҳадиси куфри вдин ро

مپرس از من حدیث کفر ودین را

Ки ман мастам надонам он ва ин ро

که من مستم ندانم آن و این را

Аминии кӯ ки бо ӯ боз гӯям

امینی کو که با او باز گویم

Румузи ҳазрати рӯҳи аломин ро

رموز حضرت روح الامین را

Ба ҳафтуми осмон бар шуд чу фонӣ

به هفتم آسمان بر شد چو فانی

Бадал кард осмонроу замин ро

بدل کرد آسمان را و زمین را

эй ҳамсафарони қатъи раҳи водии мақсӯд

ای همسفران قطع ره وادی مقصود

Бе мо ва шумо саҳл буд мо ва шумо ро

بی ما و شما سهل بود ما و شما را

Шуд соф ба пеши қадами мо ҳамаи атлол

شد صاف به پیش قدم ما همه اتلال

То пеши гирифтеми раҳи аҳли сафо ро

تا پیش گرفتیم ره اهل صفا را

Чун нозиру манзуру назари ҷумлаи туе ту

چون ناظر و منظور و نظر جمله تویی تو

Лоонзри алои бки сароу ҷҳоро

لاَاَنْظُرُ اِلّا بِکَ سِرّاً وَ جِهارَا

эй ганҷи турои тилисми кунин

ای گنج ترا طلسم کونین

Зон ганҷ бидиҳ закоти мо ро

زان گنج بده زکات ما را

Ин ҷумлаи сифоти маҳви гардон

این جمله صفات محو گردان

Дар партави нури зоти мо ро

در پرتو نور ذات ما را

Ин ҳастӣ мо аз менобаст на аз мост

این هستی ما از می نابست نه از ماست

Он гӯна чу момст ва харобаст на аз мост

آن گونه چو مامست و خرابست نه از ماست

Аз мо набӯд ончӣ змо бӯда хатое

از ما نبود آنچه زما بوده خطایی

Вена низ ки худ айн савобаст на аз мост

وین نیز که خود عین صوابست نه از ماست

Дар кӯии харобот ба ҳар раҳ гузарӣ нест

در کوی خرابات به هر ره گذری نیست

Каз бодаи ишқи ту дар он бехабарӣ нест

کز بادهٔ عشق تو در آن بی خبری نیست

Ҳарчанд хиради дидаи арбоб уқул аст

هرچند خرد دیدهٔ ارباب عقول است

Дар маърифати зоти ту ҷуз бебасарӣ нест

در معرفت ذات تو جز بی بصری نیست

Дар ҳарчӣ назар мекунам он ёр аён аст

در هرچه نظر می‌کنم آن یار عیان است

зи ағёр ниҳонасту зи ахёр аён аст

ز اغیار نهان است و ز اخیار عیان است

Гуҳ ҷӯямаш аз савмиъа гоҳе зи килисо

گه جویمش از صومعه گاهی ز کلیسا

Каз сбҳаҳи гуҳии гоҳи зи зуннор аён аст

کز سبحه گهی گاه ز زنار عیان است

Рӯй туро ки оинаи пок ҳақ намост

روی ترا که آینهٔ پاک حق نماست

Ҳар кӯ назар накард зи аҳл назар нагашт

هر کو نظر نکرد ز اهل نظر نگشت

Дро ба Машҳади тавҳиду байн ки шоҳиди мо

درآ به مشهد توحید و بین که شاهد ما

зи чашми хеши ниҳон дар шуҳуд хештан аст

ز چشم خویش نهان در شهود خویشتن است

Агар чаҳ қибла ҷонаст тоқи абрӯӣ ӯ

اگر چه قبلهٔ جان است طاق ابروی او

Ҳам ӯст каз сарви ҷон дар суҷуд хештан аст

هم‌اوست کز سرو جان در سجود خویشتن است

Душмани мо хурраму дили шоди бод

دشمن ما خرم و دل شاد باد

Доимо аз қайди ғами озоди бод

دایماً از قید غم آزاد باد

Онкии номади пой ӯ бар санги ишқ

آنکه نامد پای او بر سنگ عشق

Сари зи габру нихваташи пари боди бод

سر ز گبر و نخوتش پر باد باد

Ҳар ки дар дунё талабкор бақост

هر که در دنیا طلبکار بقاست

Он ъҷўзи бикрро домоди бод

آن عجوز بکر را داماد باد

Буд ҳар зарраи мансӯрии дарин дор

بود هر ذره منصوری درین دار

Фмои фии ?илдори ғайри аллоҳи диёр

فَمَا فِی الدَّارِ غَیرُ اللّهِ دیّارُ

зи ҷоми ишқ ӯ куну макони маст

ز جام عشق او کون و مکان مست

Вале дар айни мастии ҷумлаи ҳушёр

ولی در عین مستی جمله هشیار

Мтоб эй дил ки шуд сарриштаи борӣк

متاب ای دل که شد سررشته باریک

Масофат беҳаду мақсӯди наздик

مسافت بی حد و مقصود نزدیک

Ҷаҳони ойӣна ҳасанаст мутлақ

جهان آیینهٔ حسن است مطلق

Набинӣ ҳеҷ бадгар бенгарӣ нек

نبینی هیچ بد گر بنگری نیک

Дило зон ғамза фаттон бипарҳез

دلا زان غمزهٔ فتان بپرهیز

?герат ақласт алоимоءи икФик

گرت عقل است اَلایْماءُ یَکْفِیکْ

Шиканҷи доми ҷисми тира ҷон аст

شکنج دام جسم تیره جان است

Фишори қабри манзилгоҳи торик

فشار قبر منزلگاه تاریک

Наме шояд нишон аз бе нишони ҷуст

نمی‌شاید نشان از بی نشان جست

Нишони ёбӣ чу гаштӣ бенишон лек

نشان یابی چو گشتی بی نشان لیک

Ба дилдори он чунонаст ошнои дил

به دلدار آن چنان است آشنا دل

Ки натавон ёфт дилдораст ё дил

که نتوان یافت دلدار است یا دل

Чу гирад ранги ҷон дигар нагунҷад

چو گیرد رنگ جان دیگر نگنجد

Чу ҷон дар ҳитаи арзу смоءи дил

چو جان در حیطهٔ ارض و سماء دل

Мо ба ғайр аз худо наме донем

ما به غیر از خدا نمی‌دانیم

Вази худ , ӯро ҷудо наме донем

وز خود، او را جدا نمی‌دانیم

Ҳама ӯйем ва ӯ наме байнем

همه اوییم و او نمی‌بینیم

Ҳама моием ва мо наме донем

همه ماییم و ما نمی‌دانیم

Ман ки дар ҳарчӣ назар мекунам ӯ май байнам

من که در هرچه نظر می‌کنم او می‌بینم

Ҳарчӣ май байнам аз он рӯй нкўмии байнам

هرچه می‌بینم از آن روی نکومی‌بینم

Зоди мусофир дар қатъи ин роҳ

زاد مسافر در قطع این راه

Қатъ умедаст аз мо сӯии аллоҳ

قطع امید است از ما سوی اللّه

Астағфируллоҳ мегуфтам аз ишқ

استغفراللّه می‌گفتم از عشق

Зон гуфта акнӯн астағфируллоҳ

زان گفته اکنون استغفراللّه

эй ки дрхонаҳи тақлиди мақомии дорӣ

ای که درخانهٔ تقلید مقامی داری

Шарми бодат ки аҷаби айши ҳаромии дорӣ

شرم بادت که عجب عیش حرامی داری

Он кас ки зи асрори азал огоҳ аст

آن کس که ز اسرار ازل آگاه است

Ғоиби з худасту ҳозир даргоҳ аст

غایب ز خود است و حاضر درگاه است

Дар ҳарчӣ назар кунад худоро бинад

در هرچه نظر کند خدا را بیند

Ин маънии лои إлаҳи إло аллоҳ аст

این معنی لا إلهَ إلّا اللّه است

Ман рубоиёта

مِنْ رباعیّاته

Ҳар нақш ки дар куну макон пайдо шуд

هر نقش که در کون و مکان پیدا شد

Аз ҷилваи он ҷони ҷаҳон пайдо шуд

از جلوهٔ آن جان جهان پیدا شد

Ҳам худ ба либоси ин ва он гашти ниҳон

هم خود به لباس این و آن گشت نهان

Ҳам худ ба сифот ва ин ва он пайдо шуд

هم خود به صفات و این و آن پیدا شد

Манишин аз по вагарна побаст шӯй

منشین از پا وگرنه پابست شوی

Вази пой агар науфтӣ аз дасти шӯй

وز پای اگر نیفتی از دست شوی

Ҳушёргар ое бар мо масти шӯй

هشیار گر آیی برِ ما مست شوی

Ваз ҳастӣ агар нест шӯй ҳаст шӯй

وز هستی اگر نیست شوی هست شوی