Аз машоҳӣри машойиху падараши шайхи мубораку бародари кеҳтараши шайхи Абулфазл аз Фзлоءи вҳкмои муътабари замон худ бӯда . Эшон аз аҳФоди шайхи ҳамиди аддӣн ногӯрӣ бӯдаанд . Муваллиду мӯтини ҷаноби шайхи файзии ногӯри мнмзоФот аҷмираст . Камолоти сӯрӣу маънавиро ҷомеъу бўорқи маориф аз мшорқи каломаши ломъ . Бародараши шайхи Абулфазл дар замони Акбари шоҳи сдролсдўр ва худ низ камол тақарруб дошта ва бар тарбияти султон ҳиммат мегумошта . Чун Акбари шоҳро инҳирофӣ аз тариқаи шариъат ба ҳам расед , мардуми зуҳӯри ин маъониро аз ҷониби шайхи донистаи вайро ба илҳоду зндқаҳ нисбат карданд . Ғараз , шайхро дар улӯм , тасониф муҳаққиқонааст . Нисфи қуръони Маҷидро бенуқта тафсир карда . ВФотш дар санаи 1004 дар Лоҳур иттифоқ афтод . Соҳиби ашъор писандидааст . Баъзе аз ашъору маснавӣоташ дар ин сафина қаламӣ мешавад :
از مشاهیر مشایخ و پدرش شیخ مبارک و برادر کهترش شیخ ابوالفضل از فضلاء وحکمای معتبر زمان خود بوده. ایشان از احفاد شیخ حمید الدین ناگوری بودهاند. مولد و موطن جناب شیخ فیضی ناگور مِنْمضافات اجمیر است. کمالات صوری و معنوی را جامع و بوارق معارف از مشارق کلامش لامع. برادرش شیخ ابوالفضل در زمان اکبر شاه صدرالصدور و خود نیز کمال تقرب داشته و بر تربیت سلطان همت میگماشته. چون اکبر شاه را انحرافی از طریقهٔ شریعت به هم رسید، مردم ظهور این معانی را از جانب شیخ دانسته وی را به الحاد و زندقه نسبت کردند. غرض، شیخ را در علوم، تصانیف محققانه است. نصف قرآن مجید را بی نقطه تفسیر کرده. وفاتش در سنهٔ ۱۰۰۴ در لاهور اتفاق افتاد. صاحب اشعار پسندیده است. بعضی از اشعار و مثنویاتش در این سفینه قلمی میشود:
мнғзлётаҳ
مِنْغزلیّاتِهِ
эй ки аз бодияи ишқи хабар май пурсӣ
ای که از بادیهٔ عشق خبر میپرسی
Пой бурдор ки кунин ду гомаст ӣнҷо
پای بردار که کونین دو گامست اینجا
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Дар дили мо ҳаваси васл касе афтода аст
در دلِ ما هوسِ وصل کسی افتاده است
Ки азу дар дил ҳар каси ҳавасӣ афтода аст
که ازو در دلِ هر کس هوسی افتاده است
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Чашми гуҳшиноси надорӣ чаҳ гӯямат
چشم گهرشناس نداری چه گویمت
Кин на садаф чигуна зи икдонаҳи пар шуда аст
کاین نه صدف چگونه ز یکدانه پر شده است
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Мапурс раҳ ки зи сарҳои раҳравони ҳарам
مپرس ره که ز سرهای رهروان حرم
Нишонаҳост ки манзил ба манзил афтода аст
نشانههاست که منزل به منزل افتاده است
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Ҳар ки бинишаст ба роҳати зи сар дил бархест
هر که بنشست به راحت ز سر دل برخاست
Вонкаҳи афтодаи дарин бодия мушкил бархест
وانکه افتاده درین بادیه مشکل برخاست
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Пой ба боло манеҳ ки поя баланд аст
پای به بالا منه که پایه بلند است
Дами з тақарруб мазан ки шоҳ ғаюр аст
دم ز تقرب مزن که شاه غیور است
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Хуши он касе ки зъолм ба орзӯии тўрФт
خوش آن کسی که زعالم به آرزوی تورفت
Ба ҷустуҷӯӣ ту омад ба гуфтугӯӣ ту рафт
به جستجوی تو آمد به گفتگویِ تو رفت
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То худ кадоми нақши азин парда рӯ диҳад
تا خود کدام نقش ازین پرده رو دهد
Моиему ишқ бо дару девор бохтан
ماییم و عشق با در و دیوار باختن
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Зоҳиди сухани зи машраб тавҳид ме кунӣ
زاهد سخن ز مشرب توحید میکنی
Таҳқиқ кардаем ки тақлид ме кунӣ
تحقیق کردهایم که تقلید میکنی
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Гӯйанд ҳамРаҳон тариқат ки эй рафиқ
گویند همرهان طریقت که ای رفیق
Огоҳи шӯ ки қофила ногоҳ ме зананд
آگاه شو که قافله ناگاه میزنند
Ғофили ним зи роҳ вале оҳ чора чист
غافل نیم ز راه ولی آه چاره چیست
Зини раҳзанон ки бар дил огоҳ ме зананд
زین رهزنان که بر دل آگاه میزنند
рубоӣ
رباعی
Бар мо чаҳ зиён ки бар саф аъдо зад
بر ما چه زیان که بر صف اعدا زد
Муштии хошоки латма бар дарё зад
مشتی خاشاک لطمه بر دریا زد
Мо теғ бараҳнаем дар дасти қазо
ما تیغ برهنهایم در دست قضا
Шуд кушта ҳар ончии хешро бар мозд
شد کشته هر آنچه خویش را بر مازد
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Бояд ба раҳи ишқи такопу кардан
باید به ره عشق تکاپو کردن
Пайваста ба хуршеди азали рӯ кардан
پیوسته به خورشید ازل رو کردن
Зини сон ки буд зуҳӯри ҳақ аз ҳамаи сӯ
زین سان که بود ظهورِ حقّ از همه سو
Бояд з чаҳ рӯй рӯй иксў кардан
باید ز چه روی روی یکسو کردن
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Он рӯз ки карданд шумори ман ва ту
آن روز که کردند شمار من و تو
Бурданди зи дасти ихтиёри ман ва ту
بردند ز دست اختیار من و تو
Фориғ биншин ки корсози ду ҷаҳон
فارغ بنشین که کارساز دو جهان
Пеш аз ман ва ту сохтаи кори ман ва ту
پیش از من و تو ساخته کارِ من و تو
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эй доману ҷайби ишқи чок аз ту ҳама
ای دامن و جیب عشق چاک از تو همه
Гулҳои муроди хандаи нок аз ту ҳама
گلهای مراد خندهناک از تو همه
Аз файзи ту ҳеҷ унсурӣ холӣ нест
از فیض تو هیچ عنصری خالی نیست
эй оташу обу боди вхок аз таваҳҳума
ای آتش و آب و باد وخاک از توهمه
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Ёрб қадамӣ ба роҳи тавҳидами даҳ
یارب قدمی به راه توحیدم ده
Шавқӣ ба нҳонхонаҳи таҷредами даҳ
شوقی به نهانخانهٔ تجریدم ده
Дилбастагӣӣ ба сари таҳқиқами бахш
دلبستگیی به سرّ تحقیقم بخش
Озодагӣии зи қайди тақлидами даҳ
آزادگیی ز قید تقلیدم ده
Вела аизои қудси сира
وله ایضاً قُدِّسَ سِرُّهُ
Пеш ки ҳангома олам набӯд
پیش که هنگامهٔ عالم نبود
Ғулғули бозича одам набӯд
غلغل بازیچهٔ آدم نبود
Пардагии ғайби муназзаҳи зи танз
پردگی غیب منزّه ز طنز
Буд ниҳон дар ттқи канти канз
بود نهان در تتق کُنُت کَنز
Чеҳраи ваҳдати хат касрат надошт
چهرهٔ وحدت خط کثرت نداشت
Турраи маънии раҳ сӯрат надошт
طرّهٔ معنی رهِ صورت نداشت
Айни адам буд вуҷӯди шуъӯн
عین عدم بود وجود شئون
Дошт вуҷӯди ҳамаи сар дар бутун
داشت وجودِ همه سر در بطون
Поки зи нақши сувари фавқу таҳт
پاک ز نقش صور فوق و تحت
Оинаи соз рух ҳастӣу бахт
آینه ساز رخ هستی و بخت
Силсилаи анфусу офоқ на
سلسلهٔ انفس و آفاق نه
Ҳеҷ биҷузи ҷилваи итлоқ на
هیچ بجز جلوهٔ اطلاق نه
Балки дар итлоқи замони шуҳуд
بلکه در اطلاقِ زمان شهود
Нисбати итлоқ бар ӯ қайд буд
نسبت اطلاق بر او قید بود
Дошт ба як донаи ҷаҳонии фироқ
داشت به یک دانه جهانی فراغ
На чаман ва ҳафт гулу чори боғ
نُه چمن و هفت گل و چار باغ
Дар паии ин каш макаш кун макун
در پی این کش مکش کن مکن
Буд ҷаҳони мунтазир амр кун
بود جهان منتظرِ امر کن
Ҳасани азали ошиқ мрот шуд
حسنِ ازل عاشقِ مرآت شد
Нури абади пардаи каш зот шуд
نور ابد پرده کِش ذات شد
Парда нишинон шабистони ғайб
پرده نشینانِ شبستانِ غیب
Боз кашиданд буруни сари зҷиб
باز کشیدند برون سر زجیب
Хоби гаронони ҳарими қадам
خواب گرانان حریمِ قدم
Чашм кушоданд зи хоби адам
چشم گشادند ز خوابِ عدم
Нағмаи эҷод дамӣдан гирифт
نغمهٔ ایجاد دمیدن گرفت
Роиҳаи файз вазидан гирифт
رایحهٔ فیض وزیدن گرفت
Баҳри азали ним намебеш нест
بحرِ ازل نیم نمی بیش نیست
Малики абади ним дамӣ беш нест
ملکِ ابد نیم دمی بیش نیست
Даҳр чу бо ин ҳамаи кас бекас аст
دهر چو با این همه کس بی کس است
Ҳам нафаси ман нафаси ман бас аст
هم نفس من نفس من بس است
Ман чаҳ ва ин ҳастӣ мавҳуми ман
من چه و این هستی موهوم من
Ханда ба илми ману маълуми ман
خنده به علم من و معلوم من
Вой бар ин дониши андешаи печ
وای بر این دانش اندیشه پیچ
Синаи пар аз илм ва на маълуми ҳеҷ
سینه پر از علم و نه معلوم هیچ
Фикру хиради соили берӯнӣ аш
فکر و خرد سایل بیرونیاش
Чун ва чаро оҷизи бичўнӣ аш
چون و چرا عاجز بیچونیاش