Номаши мҳмдбни Абдуллоҳ , аз улӯми сӯрӣау маънавӣаи огоҳ . Аз шуъарои машҳур ва аз муосирин Темур ба хизмати Сайиди шаҳиди Сайид симӣ расед ва иродаташ гузид ва ба таҷред кушеду бода тавҳид нӯшед . Бар мўоқФи воқиф ва ба маориф ориф гардид . Дар маноқибу ҳақоиқи ашъор обдор фармуд . Маснавии зўбҳрину зўқоФитини мавсӯм ба маҷмаъи албҳрин манзум кардау маснавии дигари мсмӣ ба муҳибу маҳбӯб ба қайд назм оварда . Девонӣ низ дорад . Ғараз , аз арбоби сулӯку ирфону асҳоби муҷоҳидау аиқон буд ва дар санаи 838 дар Астаробод риҳлат намӯд . Чанд байтӣ аз маснавӣу ғзлётш қаламӣ мешавад :
نامش محمدبن عبداللّه، از علوم صوریه و معنویه آگاه. از شعرای مشهور و از معاصرین تیمور به خدمت سید شهید سید سیمی رسید و ارادتش گزید و به تجرید کوشید و بادهٔ توحید نوشید. بر مواقف واقف و به معارف عارف گردید. در مناقب و حقایق اشعار آبدار فرمود. مثنوی ذوبحرین و ذوقافیتین موسوم به مجمع البحرین منظوم کرده و مثنوی دیگر مُسمّی به محب و محبوب به قید نظم آورده. دیوانی نیز دارد. غرض، از ارباب سلوک و عرفان و اصحاب مجاهده و ایقان بود و در سنهٔ ۸۳۸ در استرآباد رحلت نمود. چند بیتی از مثنوی و غزلیاتش قلمی میشود:
эй шуда аз қудрати ту моءу тин
ای شده از قدرت تو ماء و طین
Лавҳаи дебочаи дунёу дайн
لوحهٔ دیباچهٔ دنیا و دین
Қаҳри ту бе баррагии сози ҷаҳон
قهر تو بی برگیِ ساز جهان
Пеши ту пайдои ҳамаи рози ниҳон
پیشِ تو پیدا همه رازِ نهان
Толиби ту аз ҳама дорад фироқ
طالبِ تو از همه دارد فراغ
Дар шаби тор аз ҷигари оради чароғ
در شب تار از جگر آرد چراغ
Маскани ушшоқи ту шаҳр балост
مسکن عشاق تو شهرِ بلاست
Шарбати муштоқи ту заҳр фаност
شربتِ مشتاق تو زهرِ فناست
Толиби ин гулшан дунё мабош
طالبِ این گلشن دنیا مباش
Хора ӣӣ андари раҳ уқбо мабош
خارهیی اندر رهِ عُقبی مباش
Дар гузар аз лолаи боғи амл
در گذر از لالهٔ باغ امل
Сӯзиш дил бингару доғи аҷал
سوزش دل بنگر و داغ اجل
Восили инсони ҳама печасту печ
واصل انسان همه پیچ است و پیچ
Ҳосили даврони ҳама ҳеҷаст ҳеҷ
حاصلِ دوران همه هیچ است هیچ
Ҳотам ва он бахшиш омаш куҷост
حاتم و آن بخشش عامش کجاست
Тай шуда он номау номаши ҳбост
طی شده آن نامه و نامش هباست
Нусхаи ин олами кулро бимон
نسخهٔ این عالم کل را بمان
Номаи печу хами дилро бихон
نامهٔ پیچ و خم دل را بخوان
Бодаи ин мстбаҳ қаҳрасту бас
بادهٔ این مصطبه قهر است و بس
Шарбати ин машраба заҳрасту бас
شربت این مشربه زهر است و بس
ғазалиёт
غزلیات
Мо корвонӣем ва ҷаҳон корвонсарост
ما کاروانیایم و جهان کاروانسراست
Дар корвонсаро накунад корвони саро
در کاروانسرا نکند کاروان سرا
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Ҳеҷ каси як сари мӯ аз даҳанат огаҳ нест
هیچ کس یک سرِ مو از دهنت آگه نیست
Дам аз онҷо натавон зад ки суханро раҳ нест
دم از آنجا نتوان زد که سخن را ره نیست
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Чу хайру шар на ба даст манаст як сари мӯӣ
چو خیر و شر نه به دست منست یک سر موی
Агар савоб надорам маро гуноҳӣ нест
اگر ثواب ندارم مرا گناهی نیست
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Дило ҷон бохтан даъвӣ макун чандон ки ёр ояд
دلا جان باختن دعوی مکن چندان که یار آید
Шавад маълуми кори ҳаркасӣ чун вақт кор ояд
شود معلوم کار هرکسی چون وقت کار آید
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зи чашми аҳли назар касб кун ҳаёти абад
ز چشم اهل نظر کسب کن حیات ابد
Ки оби Хизри азин ҷӯйбор ме гузарад
که آبِ خضر ازین جویبار میگذرد
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Паии дарди ту меҳмонхонае сохт
پیِ درد تو مهمانخانهای ساخت
Чу барҳам зад қазои обу гули ман
چو برهم زد قضا آب و گِل من
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Он ганҷ ки ҷустами зи касони дарга ва бе гоҳ
آن گنج که جستم ز کسان درگه و بی گاه
Беминнат кас ёфтам алмнаҳи ллаҳ
بی منت کس یافتم المنّةُ لِلّه
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Пас аз ҳалок чу ҳар зарра ам фитад ҷое
پس از هلاک چو هر ذرهام فتد جایی
Буд ба меҳри ту ҳар зарраро тамошое
بود به مهر تو هر ذره را تماشایی
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Ҷонами фидоӣ онкӣ шуд ҷонаши фидоӣ чун туе
جانم فدای آنکه شد جانش فدای چون تویی
Гар ҷон фидо созад касе борӣ барои чун туе
گر جان فدا سازد کسی باری برای چون تویی