Исми шарифаши шоҳи тоҳир аз содоти олии дараҷоти анҷдони мнмҳоли Қум . Мӯтинаши Кошони муваллидаши Ҳамадон . Ҷомеъи улӯми сӯрӣу маънавӣ буд . Муддатӣ дар Кошони хилоиқро иршод менамӯд . Охроломри соҳиби ғаразон , нисбати тариқаи исмоъилия ба вай додау султони аҳди дасти аизоу озор ба ваии кушода . Лиҳозои Сайиди Аннани азимат ба водии ҳазимати маътӯф ва ба Ҳиндӯстони рафта . Дар дкни машъуф тўтн гузиду султони низоми шоҳи иродати вайро гузиду тариқаи ҳуққаи дайни мубини асноъшрӣ дар он мамлакат ривоҷ ёфт . Ҳам дар он мамлакат дар санаи 956 ба равзаи ризвони шитофт . Ҷасадашро ҳасби алўсити вай ба атаботи олиёти барда , супурданд . Ғараз , он ҷаноби соҳиби ашъори матин ва ин чанд байти азнтоиҷи табъи он ҷанобаст :

اسم شریفش شاه طاهر از سادات عالی درجات انجدان مِنْمحال قم. موطنش کاشان مولدش همدان. جامع علوم صوری و معنوی بود. مدتی در کاشان خلایق را ارشاد می‌نمود. آخرالامر صاحب غرضان، نسبت طریقهٔ اسماعیلیه به وی داده و سلطان عهد دست ایذا و آزار به وی گشاده. لهذا سیّد عنان عزیمت به وادی هزیمت معطوف و به هندوستان رفته. در دکن مشعوف توطن گزید و سلطان نظام شاه ارادت وی را گزید و طریقهٔ حقّهٔ دین مبین اثناعشری در آن مملکت رواج یافت. هم در آن مملکت در سنهٔ ۹۵۶ به روضهٔ رضوان شتافت. جسدش را حسب الوصیت وی به عتبات عالیات برده، سپردند. غرض، آن جناب صاحب اشعار متین و این چند بیت ازنتایج طبع آن جناب است:

Мннсоиҳу мавоъиза

مِنْنصایح و مواعظه

Назар кун ба таърихи шоҳони пешин

نظر کن به تاریخ شاهان پیشین

Ки рафтанди зини дайри дерини маҳофил

که رفتند زین دیر دیرین محافل

Куҷо шуд Фаридуни фархундаи сират

کجا شد فریدون فرخنده سیرت

Куҷо рафт кихсрўони шоҳи одил

کجا رفت کیخسروآن شاه عادل

Равонаст пайваста аз шаҳр ҳастӣ

روان است پیوسته از شهر هستی

Ба малики адам аз паии ҳам қўоФл

به ملک عدم از پیِ هم قوافل

Ҳамон гир каз файзи фазли илоҳӣ

همان گیر کز فیضِ فضلِ الهی

Шудӣ баҳраи манд аз фунуну фазоъил

شدی بهره‌مند از فنون و فضائل

Ба калаки бадеъи албёни маъонӣ

به کلک بدیع البیانِ معانی

Дар ақсом ҳикмат навиштӣ расоъл

در اقسام حکمت نوشتی رسائل

Задӣ такя бар маснади фазли вдонш

زدی تکیه بر مسندِ فضل ودانش

Ниҳоданд номи ту сдролоФозл

نهادند نام تو صدرالافاضل

Чаҳ ҳосил ки аз сўби таҳқиқи дарпайи

چه حاصل که از صوبِ تحقیق درپی

Ба наздики доно ба чандини мароҳил

به نزدیک دانا به چندین مراحل

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Дар ғами аўлзти айш аз дил ношод рафт

در غم اولذّتِ عیش از دل ناشاد رفت

Ху ба ғам кардем чандоне ки айш аз ёдрФт

خو به غم کردیم چندانی که عیش از یادرفت

рубоӣ

رباعی

Дар даҳр касе ки ишқро шояд нест

در دهر کسی که عشق را شاید نیست

Ёрӣ ки азуи дилӣ бросоид нест

یاری که ازو دلی برآساید نیست

Сдгўнаҳи маломат ки намебояд ҳаст

صدگونه ملامت که نمی‌باید هست

Як лаҳзаи фароғатӣ ки мебояд нест

یک لحظه فراغتی که می‌باید نیست

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Гар касб камол мекунӣ ме гузарад

گر کسب کمال می‌کنی می‌گذرد

Вари фикр маҳол мекунӣ ме гузарад

ور فکر محال می‌کنی می‌گذرد

Дунёи ҳамаи сар ба сар хаёласт хаёл

دنیا همه سر به سر خیال است خیال

Ҳар навъ хаёл мекунӣ ме гузарад

هر نوع خیال می‌کنی می‌گذرد

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Моием ки ҳаргизи дам беғам наздем

ماییم که هرگز دم بی غم نزدیم

Хӯрдем басии хӯни дил ва дам наздем

خوردیم بسی خون دل و دم نزدیم

Бе шуълаи оҳи лаби з ҳам нагушӯдем

بی شعلهٔ آه لب ز هم نگشودیم

Бе қатраи ашки чашм бар ҳам наздем

بی قطرهٔ اشک چشم بر هم نزدیم

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Онем ки кӯс никномӣ наздем

آنیم که کوس نیکنامی نزدیم

Чун бе хирадони дам аз тамомӣ наздем

چون بی خردان دم از تمامی نزدیم

Ҳаргизи қадамӣ ба хўшдлӣ наниҳодем

هرگز قدمی به خوشدلی ننهادیم

Ҳаргизи нафасӣ ба шодкомӣ наздем

هرگز نفسی به شادکامی نزدیم