Шаҳриёр гуфт : шунидам ки ба замини Бобули расмии қадим буду қоидаи мустамар ки зимоми азлу тавлияти подшоҳи бадасти раият будӣ . Ҳар вақт ки яке азро хостандӣу қуръа ихтиёр бирав афтодӣ , ба подшоҳии хеши бншондндӣ ва чун нхўостндӣ , маъзул шудӣ . Якеро ба подшоҳӣ нишонда буданд ва ҳар ончи таъзиму тФхими кору тарвиҷи бозор ӯ буд , биҷой овардау дӯстии давлат ӯ чун дил дар синау нур дар дидаи гирифта то ҳарч боист аз асбоби фароғату осонӣу таматтуъу Комронии ҷумла ӯро сохта карданд . Рӯзӣ чунонк одати эшон буд , брӣ мутағаййир шуданду тағйири подшоҳӣ ӯ карданду дайгариро бар ҷой ӯ бншонднд . Мард ки лиззати сарварӣ ва подшоҳӣ чашида буд ва бар ҷаҳонёни дасти ҳукм ва меҳтарӣ ёфта , аз ғуссаи он меҳнат ба зарурат дар гӯша Эй нишаст ва мегуфт :
شهریار گفت: شنیدم که بهزمینِ بابِل رسمی قدیم بود و قاعدهای مستمرّ که زمامِ عزل و تولیتِ پادشاه بهدستِ رعیّت بودی. هر وقت که یکی از را خواستندی و قرعهٔ اختیار برو افتادی، بهپادشاهیِ خویش بنشاندندی و چون نخواستندی، معزول شدی. یکی را بهپادشاهی نشانده بودند و هر آنچه تعظیم و تفخیمِ کار و ترویجِ بازار او بود، بجای آورده و دوستیِ دولتِ او چون دل در سینه و نور در دیده گرفته تا هرچه بایست از اسبابِ فراغت و آسانی و تمتّع و کامرانی جمله او را ساخته کردند. روزی چنانکه عادتِ ایشان بود، برو متغیّر شدند و تغییرِ پادشاهی او کردند و دیگری را بر جای او بنشاندند. مرد که لذّتِ سروری و پادشاهی چشیده بود و بر جهانیان دستِ حکم و مهتری یافته، از غصّهٔ آن محنت بهضرورت در گوشهای نشست و میگفت:
Кант лдӣамона Фрддтҳо
کَانَت لَدَیَّ اَمَانَهٌٔ فَرَدَدتُهَا
Ва кзои алўдоӣъи тстрду тқзӣ
وَ کَذَا الوَدَائِعُ تُستَرَدُّ وَ تُقضَیَ
Охир андешед ки агар дар матлаъи он саодат ки он давлат даст дод , толеъи вақт шинохта будамӣ ва ба ихтиёри масъӯду иттисол Маҳмӯд нишастау бурҷи собити гузида , магари бахти чунин зуд мунқалиб нашудӣ , лекин чун кори биФтоду интиқоли азин ҷои мтъини гашт , борӣ ба ихтиёри вақти беруни рӯм . Аз ахтаршиносони ҳозиқу мбрзи ани илми нуҷум баҳс кард ки дарин шаҳр кист . Ба мунаҷҷимӣ нишон доданд ки дар ҳақоиқи он илму дақоиқи он фани дараҷа камол дошт , дар ҳали мушкилоти мҷстии бўриҳон ба тафҳим ӯ муҳтоҷ будӣу бўмъшр ба аъшори фазл ӯ нараседӣу фахри ба шогирдӣ ӯ мафохир шудӣ , кӯшиши кўшёр аз мартаба ӯ мтқоср омадӣ ; гуфтӣ бар ғўорби анҷуму шўоҳқи афлоки вуруди бўодру ҳудуси сўодри ғайбро ҷосусони назараши бмҳўс май бенанд . ӯро бихонад ва гуфт : рӯзии неку соъатии мухтор ихтиёр кун то ман аз шаҳри беруни рӯм . Мунаҷҷим пурсед ки толеъи ту аз буруҷ кадомасту сол умр чандаст ки ихтиёроти муътабар аз асли вилодат дуруст ояд ? гуфт : марои умри яксол беш нест . Мунаҷҷим аз он сухан таъаҷҷуб намӯд то худ чаҳ рамз ва ишоратаст , пас аз он маънӣ астФор кард ва пурсед . Гуфт : агар ҳисоби зиндагонӣ аз мусоидати рӯзгору мтобът давлат кунанд ки дар иззати нафасу ҳзти табъи вусъати манолу дъти айш басар баранд , пас маро беш аз яксол умр нест ки ҳукми подшоҳӣу фармондиҳии доштам . Ин фасона аз баҳр он гуфтам ки мардумро ҳаёти ҷузи барин гӯна матлӯб нест . Малик рӯй ба паланг оварад ки ту чаҳ май гӯйӣ ? гуфт : касрати адади эшон пӯшида нест . Агар азимат бар масофи эшон рӯёрӯӣ мқсўр гардонем . Қусӯри худ боз намӯда бошему пеши балои боз шудау маргро ба каманди сӯй худ кашидау колбоҳси ани ҳтФаҳи бзлФаҳи роҳи ҳалоки хеши бози гушӯда . Моро тоқати садумату ҳади набард эшон набошад , мабодо ки сайлоби стўт ба сар мо дароваранду беху бунёди хонаи ҳазор солаи мо бикунанду дӯди азин дудмон ба оташ фитна бароранду маҳориму атфоли моро ки рбоиби ҳарами ҳурмату ъроиси парда сиёнатанд ба дасти фаҷраи он қавми меҳр исмат бархезад , всмти ин сбт доим бимонад .
آخر اندیشید که اگر در مطلعِ آن سعادت که آن دولت دست داد، طالعِ وقت شناخته بودمی و بهاختیارِ مسعود و اتّصالِ محمود نشسته و برجِ ثابت گزیده، مگر بخت چنین زود منقلب نشدی، لیکن چون کار بیفتاد و انتقال ازین جای متعیّن گشت، باری بهاختیارِ وقت بیرون روم. از اخترشناسانِ حاذق و مبرّزان علمِ نجوم بحث کرد که درین شهر کیست؛ بهمنجّمی نشان دادند که در حقایقِ آن علم و دقایقِ آن فن درجهٔ کمال داشت، در حلِّ مشکلاتِ مجسطی بوریحان به تفهیمِ او محتاج بودی و بومعشر به اعشارِ فضل او نرسیدی و فاخر به شاگردیِ او مفاخر شدی، کوششِ کوشیار از مرتبهٔ او متقاصر آمدی؛ گفتی بر غواربِ انجم و شواهقِ افلاک ورودِ بوادر و حدوثِ صوادرِ غیب را جاسوسانِ نظرش بمحوس میبینند. او را بخواند و گفت: روزی نیک و ساعتی مختار اختیار کن تا من از شهر بیرون روم. منجّم پرسید که طالعِ تو از بروج کدام است و سالِ عمر چندست که اختیاراتِ معتبر از اصلِ ولادت درست آید؟ گفت: مرا عمر یکسال بیش نیست. منجّم از آن سخن تعجّب نمود تا خود چه رمز و اشارت است، پس از آن معنی استفار کرد و پرسید. گفت: اگر حسابِ زندگانی از مساعدتِ روزگار و متابعتِ دولت کنند که در عزّت نفس و هزّتِ طبع وسعتِ منال و دعتِ عیش بسر برند، پس مرا بیش از یکسال عمر نیست که حکمِ پادشاهی و فرماندهی داشتم. این فسانه از بهرِ آن گفتم که مردم را حیات جز برین گونه مطلوب نیست. ملک روی به پلنگ آورد که تو چه میگویی؟ گفت: کثرتِ عددِ ایشان پوشیده نیست. اگر عزیمت بر مصافِ ایشان رویاروی مقصور گردانیم. قصورِ خود باز نموده باشیم و پیشِ بلا باز شده و مرگ را به کمند سویِ خود کشیده و کَالبَاحِثِ عَن حَتفِهِ بِظِلفِهِ راهِ هلاکِ خویش باز گشوده. ما را طاقتِ صدمت و حدِّ نبرد ایشان نباشد، مبادا که سیلابِ سطوت بهسرِ ما درآورند و بیخ و بنیادِ خانهٔ هزار سالهٔ ما بکنند و دود ازین دودمان به آتشِ فتنه برآرند و محارم و اطفالِ ما را که ربایبِ حرمِ حرمت و عرایسِ پردهٔ صیانتاند بهدستِ فجرهٔ آن قوم مهرِ عصمت برخیزد، وصمتِ این سُبّت دایم بماند.
Ҳилли ллҳроӣри ман сўни азои васлат
هَل لِلحَرَائِرِ مِن صَونٍ اِذَا وَصَلَت
Абадии алръоъи илои алхлхолу алхдм
اَبدِی الرَّعَاعِ اِلَی الخَلخَالِ وَ الخَدَمِ
Рой онаст ки ҳам имрӯз расӯлӣ фиристем мардии расми шинос , сухани гузор , ҳнрўр , ба олат ки ба кафолат ӯ кифояти муҳимоти боз шояд гузошту оби лутф бо оташи унф ҷамъ тавонад карду заҳри мкоФҳт бо асал мносҳт тавонад омехт .
رای آنست که هم امروز رسولی فرستیم مردی رسمشناس، سخنگزار ، هنرور، بهآلت که بهکفالتِ او کفایتِ مهمّات باز شاید گذاشت و آبِ لطف با آتشِ عنف جمع تواند کرد و زهرِ مکافحت با عسلِ مناصحت تواند آمیخت.
Ва лмои рояти алҳрби қади ҷади ҷадҳо
وَ لَمَّا رَاَیتُ الحَربَ قَد جَدَّ جِدُّهَا
Лабаст ман албрдини сўби алмҳорб
لَبِستُ مِنَ البُردَینِ ثَوبَ المُحَاربِ
Чунин расӯлии пеши шоҳ пелон фиристем то рисолатӣ аз мо бгзорду ҳолеи дўоъӣ омадан ӯро Фотр гирданд ва натоқ наҳзаташи порае аз муҳорибат мнФсм кунаду майли тхиил дар дидаи ҳадс ӯ кашад ва ба афсуни аҳтёлу афюни иғфоли хоб бехабарӣ бар димоғи ҳзм ӯ андозад то тлоӣъи рой бар мадориҷ офот нанишонд ва аз мавозиъи ҳияли моу мавоқиъи злли хеши нпрҳизд , пас дар тзоъиФи ин ҳоли диловарону ибтолро аз баҳри шабихун сохтагӣ фармойем ва бар сари эшон « бғтаҳи Фҷأаҳ чун қзоءи мубрам нузул кунему алии ҳайни ғФлаҳ » гирд аз эшон барорему ком худ баронем ва аммо пештар шавем ва бар гузари эшон камӣн созем , магари ваҳнӣ ногоҳ тавонем афкандану минқори шавкати эшонро дар фотиҳати кори боз кӯфтану Аннани савлати эшон ба навъе бртоФтн .
چنین رسولی پیشِ شاهِ پیلان فرستیم تا رسالتی از ما بگزارد و حالی دواعیِ آمدنِ او را فاتر گرداند و نطاقِ نهضتش پارهای از محاربت منفصم کند و میلِ تخییل در دیدهٔ حدس او کشد و به افسونِ احتیال و افیون اغفال خوابِ بیخبری بر دماغِ حزم او اندازد تا طلائعِ رای بر مدارجِ آفات ننشاند و از مواضعِ حیلِ ما و مواقعِ زللِ خویش نپرهیزد، پس در تضاعیفِ این حال دلاوران و ابطال را از بهر شبیخون ساختگی فرماییم و بر سرِ ایشان «بغتَهًٔ فَجأَهًٔ چون قضاءِ مبرِم نزول کنیم و عَلَی حِینِ غَفلَهٍٔ» گرد از ایشان برآریم و کامِ خود برانیم و اِمّا پیشتر شویم و بر گذرِ ایشان کمین سازیم، مگر وهنی ناگاه توانیم افکندن و منقارِ شوکتِ ایشان را در فاتحتِ کار باز کوفتن و عنانِ صولتِ ایشان به نوعی برتافتن.
Ъсӣу ъсии иснӣ алзмон анона
عَسَی وَ عَسَی یَثنِی الزَّمَانُ عِنَانَهُ
БтсриФи даҳр ва алзмон ъсўр
بِتَصرِیفِ دَهرٍ وَ الزَّمَانُ عَثُورُ
Фтдрки омолу тқзии морб
فَتُدرَکُ آمَالٌ وَ تُقضَی مَآرِبٌ
Ва тҳдси ман баъди аломўри умӯр
وَ تَحدُثُ مِن بَعدِ الاُمُورِ اُمُورُ
Малики гургро ишорат фармуд ки ту чаҳ май гӯйӣ . Гуфт : ман аз пешандишон кори озмуда чунин шунидам ки чун турои душмании қавии ҳол пеш ояд , дар он бояд кушед ки ба чарбии забони қалам дар анФози муросилоту мҷомлоту анФоди амволу эроди ҳасани мақол ӯро аз роҳи таъаддӣу азми тасаддии мари хусуматро бигардонеу суду зиёнро фидяи нафаси азизи хешсозӣу хайри алмоли моўқӣ ба алнФс бар хуоне . Малик рӯй ба рӯбоҳ оварад ки азин ақсоми ихтиёр кадомаст . Гуфт : кори азин ҳар се қисм ки гуфтанд берун нест сулҳ аммо ҷанг аммо ҳиялат ; локини пеши душман бебоку қосиди аФоки саффоки боз шудану қадами ақтҳоми бморът дар чунин корӣ ниҳодан ба чанд сабаб лозим мешавад ва ба чанд мӯҷиб воҷиб ояд : яке андешаи танагии обу таазури алаф ки агар аз хасм мҳоср шаванд , ба аҷз адо кунад ё аз онкии лашкар ба вақти эътирози хасми афзӯнии маош хеш хоҳанду подшоҳро набӯд ё аз мазоҳирону муовинони хасми хеши тарсад ки ҳангоми ҳарби ёр ӯ шаванд ва аз аҳзоб ӯ гирданд ё бар сипоҳи худ эътимод надораду андешад ки ба даъвати душману татмиъу тғрир ӯ бФрибнду Аннан аз ҷодаи табаъият мо бартобанду биҳамдиллоҳи азин асбоби ӣнҷо ҳеҷ несту мшръи ин малику давлати азин қзёту домани мъомлти ин раоёу сипоҳи азин қозўроти пок ва осӯдааст . Пас моро чун ҳеҷ боисии зарурӣ бар мубодирати ин кор нест , пеш дастӣ набояд кардану Аннани тундӣу шитобзадагӣ бо даст гирифтан , чаҳ ҳаркии миқдори заъфу қӯти сипоҳ хеш нашносад ва надонад ки аз ҳар як чаҳ кор ояду ҳамаро ҷангӣ ва ба кори омадаи ингораду шоистаи рӯзи ҳарби шуморад , бадв он расад ки бидон савори нахчир гир расед . Малик гуфт : чун буд он достон ?
ملک گرگ را اشارت فرمود که تو چه میگویی. گفت : من از پیشاندیشانِ کار آزموده چنین شنیدم که چون ترا دشمنی قویحال پیش آید، در آن باید کوشید که به چربی زبانِ قلم در انفاذِ مراسلات و مجاملات و انفادِ اموال و ایرادِ حسن مقال او را از راهِ تعدّی و عزمِ تصدّی مر خصومت را بگردانی و سود و زیان را فدیهٔ نفسِ عزیز خویشسازی و خَیرُ المَالِ مَاوُقِیَ بِهِ النَّفسُ بر خوانی. ملک روی به روباه آورد که ازین اقسام اختیار کدام است. گفت: کار ازین هر سه قسم که گفتند بیرون نیست صلح اِمّا جنگ اِمّا حیلت؛ لکن پیشِ دشمن بیباک و قاصد افّاک سفّاک باز شدن و قدمِ اقتحام بمارعت در چنین کاری نهادن به چند سبب لازم میشود و به چند موجب واجب آید: یکی اندیشهٔ تنگیِ آب و تعذّرِ علف که اگر از خصم محاصر شوند، به عجزِ اِدّا کند یا از آنکه لشکر به وقتِ اعتراضِ خصم افزونیِ معاشِ خویش خواهند و پادشاه را نبود یا از مظاهران و معاونانِ خصم خویش ترسد که هنگامِ حرب یارِ او شوند و از احزابِ او گردند یا بر سپاهِ خود اعتماد ندارد و اندیشد که به دعوتِ دشمن و تطمیع و تغریرِ او بفریبند و عنان از جادهٔ تبعیّت ما برتابند و بحمدالله ازین اسباب اینجا هیچ نیست و مشرعِ این ملک و دولت ازین قذیات و دامنِ معاملتِ این رعایا و سپاه ازین قاذورات پاک و آسوده است. پس ما را چون هیچ باعثی ضروری بر مبادرتِ این کار نیست، پیشدستی نباید کردن و عنانِ تندی و شتابزدگی با دست گرفتن، چه هرکه مقدارِ ضعف و قوّتِ سپاه خویش نشناسد و نداند که از هر یک چه کار آید و همه را جنگی و بهکار آمده انگارد و شایستهٔ روز حرب شمارد، بدو آن رسد که بدان سوارِ نخچیرگیر رسید. ملک گفت: چون بود آن داستان؟