Рӯбоҳ гуфт : шунидам ки кдхдоӣӣ буд дарвеш , танги ҳол ; носозгорӣу Фзозт бар хуй ӯ ғолиб . Занӣ дошт бъФту рзонту анвоъи диёнати ороста . Ҷуфтии мурғи мокиён дар хона доштанд ки хоя кардандӣ . Мӯшӣ дар гӯшаи хонаи оромгоҳи сохта буд сахти дузд , ниқоб , наҳоб , аФок , бебок , бисёр доми ҳияли даридау донаи мтрбсони дарози амли дуздида , басии суфраи ду нони афшондау рӯзии лӣимони хӯрда . Ҳргаҳ ки мурғони хояи нҳодндӣ , он мӯши бдздидӣу бтриқӣ ки азу муътодаст бо сӯрохи барадӣ . Марди гумони барадӣ ки магари зан дар он тасарруфӣ бхёнт мекунад , дасти бзхми чӯбу забони бклмоти мувҳишу мункирот мФҳш багушӯдӣу чндонки зан дар броءти соҳати хештан маболиғат намӯдӣ , судӣ надоштӣ то рӯзии зан нигоҳ кард ки мӯш хоя мекашид , рафту шавҳарро аз он ҳол огоҳӣ дод . Чун ҳар ду бнзораҳ мӯш омаданд , бадари сӯрохи расида буд , хояи бтъҷили дркшид . Шавҳар аз мушоҳидаи он ҳол бар ҷафои зани пушаймонӣ тамом хӯрд . Ҳамон соъати домӣ бар гузари мӯши ниҳод . Мӯшро мӯшии дигари шаб меҳмон расед , он хоя бо якдигар тановул карданду шаб дар он тадбир ки бомдод дар шабакаи иктисоби ҷуфтаи он чигуна андозад . Бомдод ки сипедаи субҳ аз ним хояи уфуқ пайдо шуду зардаи шуъоъ бар атрофи ҷаҳони рехт , ҳар ду бтмъи хояи оҳанги ошён мокиён карданд . Хунак касе ки мурғи андеша ӯ байзаи тамаъ ва агар худ заррин бо симин бошад , наниҳаду нақши сипедӣу зардии он байза бар баёзи дидау савод дил назанад ва чун аз пардаи фиреб рӯй бинмоед , остини истинкоф бар рӯй гирад , ё бизоءи абизӣ ва ё сФроءи асФрӣ ва ё ғброءи ағбрӣ . Алқсаҳи мӯши меҳмон аз ғояти ҳирс мубодират намӯду пой дар пеши ниҳоду дасти бхоиаҳи барад то бардорад , дом дар сар ӯ афтоду марди кадхудоӣ ӯро бигирифт ва бар замин зад ва ҳалок кард

روباه گفت : شنیدم که کدخدائی بود درویش، تنگ‌حال ؛ ناسازگاری و فظاظت بر خویِ او غالب. زنی داشت بعفّت و رزانت و انواعِ دیانت آراسته. جفتی مرغِ ماکیان در خانه داشتند که خایه کردندی. موشی در گوشهٔ خانه آرامگاه ساخته بود سخت دزد، نقّاب ، نهّاب، افّاک، بی‌باک ، بسیار دام حیل دریده و دانهٔ متربّصان دراز امل دزدیده ، بسی سفرهٔ دو نان افشانده و روزی لئیمان خورده. هرگه که مرغان خایه نهادندی ، آن موش بدزدیدی و بطریقی که ازو معتادست با سوراخ بردی. مرد گمان بردی که مگر زن در آن تصرّفی بخیانت میکند، دست بزخم چوب و زبان بکلماتِ موحش و منکراتِ مفحش بگشودی و چندانک زن در براءتِ ساحت خویشتن مبالغت نمودی ، سودی نداشتی تا روزی زن نگاه کرد که موش خایه می‌کشید ، رفت و شوهر را از آن حال آگاهی داد. چون هر دو بنظّارهٔ موش آمدند، بدرِ سوراخ رسیده بود، خایه بتعجیل درکشید. شوهر از مشاهدهٔ آن حال بر جفایِ زن پشیمانی تمام خورد. همان ساعت دامی بر گذرِ موش نهاد. موش را موشی دیگر شب مهمان رسید ، آن خایه با یکدیگر تناول کردند و شب در آن تدبیر که بامداد در شبکهٔ اکتساب جفتهٔ آن چگونه اندازد. بامداد که سپیدهٔ صبح از نیم خایهٔ افق پیدا شد و زردهٔ شعاع بر اطرافِ جهان ریخت، هر دو بطمعِ خایه آهنگ آشیانِ ماکیان کردند. خنک کسی که مرغِ اندیشهٔ او بیضهٔ طمع و اگر خود زرّین با سیمین باشد، ننهد و نقشِ سپیدی و زردیِ آن بیضه بر بیاضِ دیده و سوادِ دل نزند و چون از پردهٔ فریب روی بنماید، آستینِ استنکاف بر روی گیرد، یا بیضاءِ ابیضی و یا صفراءِ اصفری و یا غبراءِ اغبری. القصّه موشِ مهمان از غایتِ حرص مبادرت نمود و پای در پیش نهاد و دست بخایه برد تا بردارد، دام در سرِ او افتاد و مردِ کدخدای او را بگرفت و بر زمین زد و هلاک کرد

Азои лами икни Авни ман аллоҳи ллФтӣ

اِذَا لَم یَکُن عَونٌ مِنَ اللهِ لِلفَتَی

Фоксри мо иҷнии алайҳи иҷтиҳода

فَاَکثَرُ مَا یَجنِی عَلَیهِ اجتِهَادُهُ

Мӯши хояи дузд аз исобати ин воқеаи бғоити кӯфтаи дилу пароканда хотир шуду ҳифози суҳбати меҳмон ӯро бар мукофоти шари кадхудоӣ ҳомил омад ва андешед ки агар ман бостқлоли нафас хеш хоҳам ки интиқоми кашаму қадам бар мзлаҳи ин ақтҳоми нуҳум , натавонаму бнздики уқалои млўм ва мъотб шавам , лекини маро бо фалони ақраб дӯстӣ қадимаст , ҷабри ин каср ки бадал ман раседу қисоси ин ҷарҳ ки бахотири ман пайвасти алои бдстёрии қудрат ӯ дасти надиҳад . Ман рмоити ин андеша аз қавси кифояти он ақраб тавонам карду ҷузи бмизони амъон ӯ мувозинаи ин назар рост наёяд , тирёки ин дардро таъбия дар заҳр ӯ май байнаму марорати ин ғуссаи ҷуз дар шарбати луобӣ ки аз неш ӯ ояд , нӯш натавон кард , аҷин ин амалро , агар мояи саъй ӯ бошад , бмъҷўни ақрабии мудовоати ин иллати нофеъ ва ноҷҳ ояд .

موش خایه دزد از اصابتِ این واقعه بغایت کوفته دل و پراکنده خاطر شد و حفاظِ صحبت مهمان او را بر مکافاتِ شرِّ کدخدای حامل آمد و اندیشید که اگر من باستقلالِ نفس خویش خواهم که انتقام کشم و قدم بر مزلّهٔ این اقتحام نهم ، نتوانم و بنزدیکِ عقلا ملوم و معاتب شوم ، لیکن مرا با فلان عقرب دوستی قدیمست، جبرِ این کسر که بدلِ من رسید و قصاصِ این جرح که بخاطرِ من پیوست الّا بدستیاریِ قدرتِ او دست ندهد. من رمایتِ این اندیشه از قوسِ کفایتِ آن عقرب توانم کرد و جز بمیزانِ امعانِ او موازنهٔ این نظر راست نیاید ، تریاکِ این درد را تعبیه در زهرِ او می‌بینم و مرارتِ این غصّه جز در شربتِ لعابی که از نیشِ او آید، نوش نتوان کرد، عجینِ این عمل را، اگر مایه سعیِ او باشد، بمعجونِ عقربی مداواتِ این علّت نافع و ناجح آید.

Фأслмнии ллноӣботи бъодаҳ

فَأَسلَمَنِی لِلنَّائِبَاتِ بِعَادُهُ

Комаи аслми алъзми алмҳизи ҷбоӣраҳ

کَمَا اَسلَمَ العَظمَ المَهِیضَ جَبَائِرُهُ

Пас оҳанг дидан ақраб кард ва чун бадв расед , бонўоъи хизмату атзоъу намӯдани иштиёқу низо пеш рафту ҳикояти ҳоли меҳмон ки бар дасти кадхудоӣ ҳалок ёфт , боз гуфт ва шарҳ дод ки марои буфот ӯ вФўоти саодати улфатӣ ки миёни мо мؤкд буд , чаҳ тأср ва тҳср ҳосиласт ва гуфт : эй бародар , имрӯз чндонкаҳ менагарм , аз ҳамаи ёрони бакори омада аз баҳри ёрони кори афтода , туро май байнам ки азуи чашми муовинату мусоидат тавон дошт ва аз мхоили ҳасани шамоил ӯ дар тадоруки чунин вақойиъи таваққуъи мувофиқатӣ тавон кард . Биҳамдиллоҳи ту ҳамеша бо қомати русуми макорими миён баста бӯдау ҷаъбаи ҳамияти бҳмоити дӯстони пари тири ҷФоء душманон карда . Агар имрӯз бо ман қоидаи дӯсти парварӣу душмани шиканӣ ки туро одатаст , аъодт кунӣу бондишаҳи ақтсоси қадами ҷуръат дар пеш наҳй ва дод он мазлӯми марҳӯми азуи бастонеу бошоФии фазлоти хеши тшФии ин мусӣбати расида ҳосил кунӣу бأслоти сари неши тасаллии ин фироқ зада бҷўӣии сари ҷумлаи ҳасанотро шояду зебад ки аз он таърихи рӯзгори созанд . Ақраб гуфт : ҳар чанд миррӣхи дори ҳамаи тани ғазаб шуда , бахонаи хеши омада , осӯда бош ; агрчи оинаи дили азизати боаҳи андӯҳи занги баровардау гӯшаи ҷигари бҳрқти ин оташи фурқат кабоб карда , биншинам ,

پس آهنگِ دیدنِ عقرب کرد و چون بدو رسید ، بانواعِ خدمت و اتّضاع و نمودنِ اشتیاق و نزاع پیش رفت و حکایتِ حال مهمان که بر دستِ کدخدای هلاک یافت، باز گفت و شرح داد که مرا بوفاتِ او وفواتِ سعادتِ الفتی که میانِ ما مؤکّد بود ، چه تأثّر و تحسّر حاصلست و گفت: ای برادر، امروز چندانکه می‌نگرم ، از همه یارانِ بکار آمده از بهر یارانِ کار افتاده، ترا می‌بینم که ازو چشمِ معاونت و مساعدت توان داشت و از مخایلِ حسنِ شمایل او در تدارکِ چنین وقایع توقّعِ موافقتی توان کرد. بحمدالله تو همیشه با قامت رسومِ مکارم میان بسته بودهٔ و جعبهٔ حمّیت بحمایتِ دوستان پر تیرِ جفاءِ دشمنان کرده. اگر امروز با من قاعدهٔ دوست پروری و دشمن شکنی که ترا عادتست، اعادت کنی و باندیشهٔ اقتصاص قدمِ جرأت در پیش نهی و دادِ آن مظلومِ مرحوم ازو بستانی و باشافیِ فضلاتِ خویش تشفّیِ این مصیبت رسیده حاصل کنی و بأسلاتِ سرِ نیش تسلّیِ این فراق‌زده بجوئی سر جملهٔ حسنات را شاید و زیبد که از آن تاریخِ روزگار سازند. عقرب گفت : هر چند مرّیخ‌دار همه تن غضب شدهٔ، بخانهٔ خویش آمدهٔ، آسوده باش؛ اگرچ آینهٔ دلِ عزیزت بآهِ اندوه زنگ برآورده و گوشهٔ جگر بحرقتِ این آتشِ فرقت کباب کرده ، بنشینم ،

Чун кор баном ояду нанг

چون کار بنام آید و ننگ

Бар оташ чун кабоб ва бар теғи чўзнг

بر آتش چون کباب و بر تیغ چوزنگ

Аўмидўорм ки чораи хӯни хоҳии он бечора бисозаму бодроки сор ӯ осори дасти баради хеши бзмраҳи ёрону рФқаҳи дӯстони намояму онч аз бародарону хуишони дарин боб ояд , тақдим кунам то мисдоқи он қавл ки гуфтаанд : алأқорби колъқорби ин ҷо падед ояд . Пас мӯшу ақраб ҳар ду чун Зуҳалу миррӣхи ботФоқ дар як хонаи хбс қирон карданд ва дар тҷоўиФи сӯрохи мӯши бгўшаҳ ки онҷои матраҳи назари мардуми бҳич ваҷҳ набӯдӣ ақрабро бинишонад ва се адади зар бо сими сира дар кори ҳалок кадхудоӣ карданду кадоми сар ки дар чнбрсим намеояд ё кадоми гардан ки аз тавқ зар берунаст . Зараст ки азори исмат аз гиребони ҷони мардум май кушояд , симаст ки самти ҷаҳолат бар носиаҳи ақли одамии зод май наад . Ҳирси бад-ӣни ду мушти хоки рангини дидаи донишро кӯр метавонад кард , ози бад-ӣни ду пораи санги ммўаҳи ҷом ҷаҳон намой хирадро чун обгина хирад метавонад шикаст

اومیدوارم که چارهٔ خون‌خواهیِ آن بیچاره بسازم و بادراکِ ثارِ او آثارِ دست بردِ خویش بزمرهٔ یاران و رفقهٔ دوستان نمایم و آنچ از برادران و خویشان درین باب آید، تقدیم کنم تا مصداقِ آن قول که گفته‌اند : اَلأَقَارِبُ کَالعَقَارِبِ این‌جا پدید آید. پس موش و عقرب هر دو چون زحل و مرّیخ باتفاق در یک خانهٔ خبث قران کردند و در تجاویفِ سوراخِ موش بگوشهٔ که آنجا مطرحِ نظر مردم بهیچ وجه نبودی عقرب را بنشاند و سه عدد زر با سیم سره در کارِ هلاکِ کدخدای کردند و کدام سر که در چنبرِسیم نمی‌آید یا کدام گردن که از طوقِ زر بیرونست. زرست که ازارِ عصمت از گریبانِ جانِ مردم می‌گشاید، سیمست که سمتِ جهالت بر ناصیهٔ عقل آدمی‌زاد می‌نهد. حرص بدین دو مشت خاکِ رنگین دیدهٔ دانش را کور می‌تواند کرد، آز بدین دو پارهٔ سنگ مموّه جامِ جهان نمایِ خرد را چون آبگینه خرد می‌تواند شکست

Вале басем чу симоби гӯшт огндаҳ аст

ولی بسیم چو سیماب گوشت آگنده است

зи ман чигуна на туоне ту ин ҳадис шунид

ز من چگونه نه توانی تو این حدیث شنید

Хаёли зар чу фурӯбаст чашми ибрати ту

خیالِ زر چو فروبست چشمِ عبرت تو

Ту ин ҷамоли ҳақиқати куҷо туоне дид ?

تو این جمالِ حقیقت کجا توانی دید ؟

Фии алҷмлаҳи мӯши ададии зари миёнаи хонаи андохт ва яке бнздики сӯрохи ниҳоду дайгарии чунон бар канори сӯрох устувор кард ки як нимаи берун ва як нима дарун дошт . Чун кадхудоиро чашм бар дуруст зар афтод ва он футуҳ ногаҳон ёфт хира шуду бадастии ҳамаи ниёзу эҳтизоз онро барграфт . Чун дурусти дувуми бёФт , ҳар ду баробари ду дидаи дил ӯ омад то аз мушоҳидаи макри мӯшу қасди ақрабаши ҳиҷобии торики пеши дидаи бдошт . Дар он торикии дасти тамаъ дароз кард , бсўрохи барад . Ақраби мбзъи неши заҳролӯд бар даст ӯ заду хӯнӣ ки аз даст ӯ дрдли мӯши ҳаяҷони гирифта буд , аз раги ҷон ӯ багушӯд . Ин фасона аз баҳр он гуфтам то бадоне ки чун мӯш бо ҳамаи сғору мҳонти хеш аз мшръи чунон кории азим бадар меояд , аўлитр ки мо бо ин макунату маконат чун даст дар ҳбол тавфиқ занему астъсоми бърўаҳи таъӣд осмонӣ кунем , ҷавоби ин хасм тавонем дод ва бакӯшашу иҷтиҳоди бҷоӣии расонид , аммо ҳануз мақоми рисолатӣ дигар боқӣаст ки бадв фиристем то ҳам аз он зўоқи шарбатии талх ки бмо фиристод , бмзоқ ӯ расонида бошад ки чун марҳами лутф суд надошт , доғи унф суд дораду охири алдўоءи аллакай . Пас гургро бхдмти шер ҳозир кард ва ин номаро бшоаҳи пелон асдор фармуду ифтитоҳи бад-ӣни тхўиФи насиҳат омез кард ки эй бародар , бсрки аллоҳи бъиўби алнФсу нсрки алии ҷунудҳо

فی‌الجمله موش عددی زر میانهٔ خانه انداخت و یکی بنزدیکِ سوراخ نهاد و دیگری چنان بر کنارِ سوراخ استوار کرد که یک نیمه بیرون و یک نیمه درون داشت. چون کدخدای را چشم بر درستِ زر افتاد و آن فتوح ناگهان یافت خیره شد و بدستی همه نیاز و اهتزاز آنرا برگرفت. چون درستِ دوم بیافت، هر دو برابرِ دو دیدهٔ دل او آمد تا از مشاهدهٔ مکر موش و قصدِ عقربش حجابی تاریک پیشِ دیده بداشت. در آن تاریکی دستِ طمع دراز کرد، بسوراخ برد. عقرب مبضعِ نیش زهرآلود بر دستِ او زد و خونی که از دستِ او دردلِ موش هیجان گرفته بود، از رگِ جان او بگشود. این فسانه از بهر آن گفتم تا بدانی که چون موش با همه صغار و مهانتِ خویش از مشرع چنان کاری عظیم بدر می‌آید، اولیتر که ما با این مکنت و مکانت چون دست در حبالِ توفیق زنیم و استعصام بعروهٔ تأیید آسمانی کنیم، جوابِ این خصم توانیم داد و بکوشش و اجتهاد بجائی رسانید ، اما هنوز مقامِ رسالتی دیگر باقیست که بدو فرستیم تا هم از آن ذواقِ شربتی تلخ که بما فرستاد، بمذاقِ او رسانیده باشد که چون مرهمِ لطف سود نداشت، داغِ عنف سود دارد و آخِرُ الدَّوَاءِ الکَیُّ . پس گرگ را بخدمتِ شیر حاضر کرد و این نامه را بشاهِ پیلان اصدار فرمود و افتتاح بدین تخویفِ نصیحت‌آمیز کرد که ای برادر، بَصَّرَکَ اللهُ بِعُیُوبِ النَّفسِ وَ نَصَرَکَ عَلَی جُنُودِهَا

Макун онкӣ ҳаргиз накардаст кас

مکن آنکه هرگز نکردست کس

Бад-ӣни раҳнамӯн ту девасту бас

بدین رهنمون تو دیوست و بس

Бамурдӣ зи дил давр кун хашму кин

بمردی ز دل دور کن خشم و کین

Ҷаҳонро бичишам ҷавонии мубин

جهان را بچشمِ جوانی مبین

Ту чанголи шерони куҷои дидае ?

تو چنگالِ شیران کجا دیده‌ای ؟

Ки овоз рӯбоҳ нашунида Эй

که آوازِ روباه نشنیده‌ای

Ин маънӣ равшанаст ки илми шатранҷи донишварону ҳунарпешагони Ҳиндӯстон ниҳодаанд ки маншау мунаббат вуҷӯд шумосту мӯҷиби иштиҳори шатранҷ ки дар ақтори басити олами зикри он ҳамаи ҷой густардаанд , онаст ки возеъи он амали босрори ҷабру қадари сахт бино будаст ва аз кори тақдири офаридагору тадбири офаридагони огоҳ , онро биниҳод ва дар ниҳодан он фаро намӯд ки соҳиби он амал бо ғояти чобуки дастӣ ва ба бозӣу зираки дилӣ , агрчи рухӣ ё фарсӣ бар хасм тарҳ дорад , шояд ки буқат бохтан аз он ҳариф кунад дасти бади бози нодон бозӣӣ ояд ки дасти хасмро фурӯи бандад ва дар мзиқӣ уфтад ки ҳеҷ чораи ҷузи дасти бозчидн ва бақоем рехтан надонад .

این معنی روشنست که علمِ شطرنج دانشوران و هنرپیشگانِ هندوستان نهاده‌اند که منشأ و منبتِ وجود شماست و موجبِ اشتهار شطرنج که در اقطارِ بسیطِ عالم ذکرِ آن همه جای گسترده‌اند ، آنست که واضعِ آن عمل باسرارِ جبر و قدر سخت بینا بودست و از کارِ تقدیرِ آفریدگار و تدبیرِ آفریدگان آگاه ، آنرا بنهاد و در نهادنِ آن فرا نمود که صاحبِ آن عمل با غایتِ چابک‌دستی و به بازی و زیرک‌دلی ، اگرچ رخی یا فرسی بر خصم طرح دارد ، شاید که بوقتِ باختن از آن حریفِ کند دستِ بد بازِ نادان بازئی آید که دستِ خصم را فرو بندد و در مضیقی افتد که هیچ چاره جز دست بازچیدن و بقایم ریختن نداند.

Алии аннии рози бони аҳмли алҳўӣ

عَلَی اَنَّنِی رَاضٍ بِاَن اَحمِلَ الهَوَی

Ва ахлс манеҳ лоълии влолё

وَ اَخلُصَ مِنهُ لَاعَلَیَّ وَلَالِیَا

Ва ҳамчунин агарчӣ мардро роиии матину рӯятии пеши байну бсортии комилу маҳоратӣ дар фунуни дониш шомил бошад , чун дар мубоширати корӣ хавз кунад , солим намонад аз онк бар хилофи андеша ӯ шаклии дигар аз пардаи рӯзгор берун ояд ва ӯро дар кории мушкили афканд ки бсломти муҷаррад аз мадхали он ризо диҳад

و همچنین اگرچه مرد را رآیی متین و رویّتی پیش‌بین و بصارتی کامل و مهارتی در فنونِ دانش شامل باشد، چون در مباشرتِ کاری خوض کند، سالم نماند از آنک بر خلافِ اندیشهٔ او شکلی دیگر از پردهٔ روزگار بیرون آید و او را در کاری مشکل افکند که بسلامتِ مجرّد از مدخلِ آن رضا دهد

Ва алдҳри иъкси омолӣу иқнънӣ

وَ الدَّهرُ یَعکِسُ آمَالِی وَ یُقنِعُنِی

Ман алғнимаҳи баъди алкди болқФл

مِنَ الغَنِیمَهِٔ بَعدَ الکَدِّ بِالقَفَلِ

Пас ту дар шатранҷи ин ҳавас ки май бозӣ , нтр аз бозии хасми брмдор , мабодо ки ӯ фарзини банди аҳтёл чунон карда бошад ки бҳзори пел боз натавонӣ гушӯд ва чун аз ниёгони ту бар рқъаҳи мамолики хеши ҳеҷ пели ин пиёдаи тамаъ фурӯ накардаст , мабодо ки бағали занони истеҳзои роди фии алштрнҷи бағала , охири аламр бар зиёдати ҷўӣӣ ту зананду бохри бадоне ки шоҳро рои носавоб дар хонаи моти нишонду рқъаҳ ҳаёт барафшонад ъ ,у тундами ҳайни лотғнии алндомаҳ ,у санъати истидлоли шанеъ ки дар асноء рисолот карда будӣу истихдоми мо бтриқи иҳонат раво дошта , нишони карами табиату ҳасан хлиқт набӯд . Ҷаҳонён донанд ки ҳаргизи мотўқи ҳукми ҳеҷ кас дар гардан нагирифтаему миёни бнтоқи ҳеҷ махлуқ набаста , ҳаргизи шиканҷаи хатоаму зимом бар хартуму хишўм мо наниҳодаанду тангу банди ҳалқау ҳзоми бҳноёии ҳизўм мо нарасонида ва дар млоъби сбёни пушти мо нардбон ҳаво набӯдасту соқу соиди моро бъодти нисвони мсўр ва мхлхл наёфтаанд , мо нўолаҳи аклу шурб аз мзбҳи Фрисаҳ хеш хӯрем на аз Фзолаҳи матбаху Ҳарисаи дигарон . Мо ҳамеша аз гарданон , грдрон бардаем на аз кӯдакони грдкон . Магар вақт онаст ки схти илоҳӣ аз тоироти саҳҳоми азимати мо тохтанӣ бар сари қавмии ораду сари ?иламтар Киеви феъли рбки босҳоби алФили ?илами иҷъли кидҳми фии тзлил , дар шаъни тайифа ошкор гардаду бмнҷниқи трмиҳми бҳҷораҳи ман сҷили аишонрои сангсори қаҳр мо гирданду алои иқтидои босҳоби бағӣу залол кардану бқсди хона ки каъбаи караму қиблаи ҳамму ҳарам амн амам бошад , омадану парда мҷомлт бардоштану бмҷоҳдт рӯй бҳдму ҳтми он ниҳодан , ҳокими ақл чигуна фармоед ва дар шариъати инсофи бачаи таъвил дуруст ояд ?

پس تو در شطرنجِ این هوس که می‌بازی، نطر از بازیِ خصم برمدار، مبادا که او فرزین بندِ احتیال چنان کرده باشد که بهزار پیل باز نتوانی گشود و چون از نیاگانِ تو بر رقعهٔ ممالکِ خویش هیچ پیل این پیادهٔ طمع فرو نکردست، مبادا که بغل زنان استهزا رَادَ فِی الشَّطرَنجِ بَغلَهًٔ ، آخر الامر بر زیادت جوئی تو زنند و بآخر بدانی که شاه را رایِ ناصواب در خانهٔ مات نشاند و رقعهٔ حیات برافشاند ع ، وَ تَندَمُ حِینَ لَاتُغنِی النَّدَامَهُٔ ، و صنعتِ استدلالِ شنیع که در اثناءِ رسالات کرده بودی و استخدامِ ما بطریقِ اهانت روا داشته، نشانِ کرمِ طبیعت و حسنِ خلیقت نَبود. جهانیان دانند که هرگز ماطوقِ حکمِ هیچ‌کس در گردن نگرفته‌ایم و میان بنطاقِ هیچ مخلوق نبسته، هرگز شکنجهٔ خطام و زمام بر خرطوم و خیشومِ ما ننهاده‌اند و تنگ و بندِ حلقه و حزام بحنایایِ حیزومِ ما نرسانیده و در ملاعبِ صبیان پشتِ ما نردبان هوا نبودست و ساق و ساعدِ ما را بعادتِ نسوان مسوّر و مخلخل نیافته‌اند، ما نوالهٔ اکل و شرب از مذبحِ فریسهٔ خویش خوریم نه از فضالهٔ مطبخ و هریسهٔ دیگران. ما همیشه از گردنان،گردران برده‌ایم نه از کودکان گردکان. مگر وقتِ آنست که سخطِ الهی از طایراتِ سهامِ عزیمتِ ما تاختنی بر سر قومی آرد و سرِّ اَلَم تَرَ کَیفَ فَعَلَ رَبُّکَ بَاَصحَابِ الفِیلِ اَلَم یَجعَل کَیدَهُم فِی تَضلِیلٍ ، در شأن طایفهٔ آشکار گردد و بمنجنیقِ تَرمِیهِم بِحِجَارَهٍٔ مِن سِجِّیلٍ ایشانرا سنگسارِ قهرِ ما گرداند و الّا اقتدا باصحابّ بغی و ضلال کردن و بقصد خانهٔ که کعبهٔ کرم و قبلهٔ همم و حرمِ امن امم باشد ، آمدن و پردهٔ مجاملت برداشتن و بمجاهدت روی بهدم و حطمِ آن نهادن، حاکمِ عقل چگونه فرماید و در شریعتِ انصاف بچه تأویل درست آید ؟