Шоҳи пелон чун мазмуни нома бар хонд ва бар макнуни замири хасм вуқуф ёфт , ҳафт аъзоъ ӯ аз адовату бғзо ммтлӣ шуду модаи савдо ки дар димоғаши мутамаккин буд , дар ҳаракат омад . Хост ки хӯни фиристодаи бирезаду сФроӣӣ ки дар урӯқ ъсбитш Биҷӯш омад , бирав баранд ; пас Аннани саркаши табиат боз кашиду бнс ва мо алӣ алрасул алои алблоғ , къбтини ғаромати табъро боз молида ва ӯро афв фармуд ва бар зуҳр нома бинвишт :
شاهِ پیلان چون مضمونِ نامه بر خواند و بر مکنونِ ضمیرِ خصم وقوف یافت، هفت اعضاءِ او از عداوت و بغضا ممتلی شد و مادّهٔ سودا که در دماغش متمکّن بود، در حرکت آمد. خواست که خونِ فرستاده بریزد و صفرائی که در عروقِ عصبیّتش بجوش آمد، برو براند ؛ پس عنان سرکش طبیعت باز کشید و بنص وَ مَا عَلَی الرَّسُولِ اِلَّا البَلَاغُ ، کعبتینِ غرامتِ طبع را باز مالید و او را عفو فرمود و بر ظهرِ نامه بنوشت :
Ва раби ҷавоби ани китоби беъсата
وَ رُبَّ جَوَابٍ عَن کِتَابٍ بَعَثتَهُ
Ва унвонаи ллнозрини қтом
وَ عُنوَانُهُ لِلنَّاظِرِینَ قَتَامُ
Тзиқ ба албидоءи ман қабл нашра
تَضِیقُ بِهِ البَیدَاءُ مِن قَبلِ نَشرِهِ
Ва мо Фзи болбидоءи анҳу хтом
وَ مَا فُضَّ بَالبَیداءِ عَنهُ خِتَامُ
Расӯлро боз гардонид ва бар ақаб ӯ бо лашкарӣ ки агар касрати адади он дар қалам омадӣ , баёзи рӯзу саводи шаби бнсхи он вафо накардӣ , ҳамаи обгинаи риққати дилҳо бар санг заданд ва дар оҳани салобат аз фарқ то қадам ғарқ шуданд , ҳама дар ҷавшани сабри рафтанду сипари саломати пас пушт андохтанду сўорми азимат ва набол сримтро бнФўзи расониданду синони аснонро об доданду Аннани атқони азмро тأб , ниқоби тъомӣ бар дидаи офияти байни бастанду симоби тсомм дар гӯши насиҳат нюаш рехтанд ва бар ҳамин нсқи лашкари шер бо камоли аҳбту ойину убуҳҳат дар либоси шавкату силаҳи савлат антҳоз карданд ва ҳар ду чун ду тўди ҳоиҷ ва ду баҳри моиҷ аз ҷои бархестанду аҷрии ман алсили таҳти аллил , бикдигр равон шуданду садои истикоки схртини ҳангоми мулоқоти эшон аз басити ин арсаи мдс дар муҳӣти гунбад атлас афтоду танини збоби алғзби ҳайбат аз вақъи мқорът ҳар ду Фриқин бигӯаш рӯзгор омад . Рӯбоҳ гуфт : бидон , эй малик , ки кор баъзе онаст ки бшҷоъту мардонагии пеш шояд барад ва баъзе бадонашу фарзонагӣ ва баъзе бшкўаҳи вақъу ҳайбату ҳамдоллаи таъолӣ , турои асбоби ин саодати ҷумлаи мткомлсту имдоди ин давлати мтўосл . Вақт онаст ки мардони кори ниёбати фарқ бқдм ндиҳанду ҷавоби хасм аз сари шамшер бо забони қалами ниФкннд , найзаи ҳарб , агар худ мори ҷони гзоист , бадаст дигарон нагиранд , луоби ин мор , агар худ шарбат маргаст , аввали чошнии он бмзоқ худ расонанд .
رسول را باز گردانید و بر عقبِ او با لشکری که اگر کثرتِ عددِ آن در قلم آمدی، بیاضِ روز و سوادِ شب بنسخِ آن وفا نکردی ، همه آبگینهٔ رقّتِ دلها بر سنگ زدند و در آهنِ صلابت از فرق تا قدم غرق شدند، همه در جوشنِ صبر رفتند و سپرِ سلامت پسِ پشت انداختند و صوارمِ عزیمت و نبالِ صریمت را بنفوذ رسانیدند و سنانِ اسنان را آب دادند و عنانِ اتقانِ عزم را تأب ، نقابِ تعامی بر دیدهٔ عافیتبین بستند و سیمابِ تصامم در گوشِ نصیحت نیوش ریختند و بر همین نسق لشکرِ شیر با کمالِ اهبت و آیین و ابّهت در لباسِ شوکت و سلاحِ صولت انتهاض کردند و هر دو چون دو طودِ هایج و دو بحرِ مایج از جای برخاستند وَ اَجرَی مِنَ السَّیلِ تَحتَ اللَّیلِ ، بیکدیگر روان شدند و صدایِ اصطکاک صخرتین هنگامِ ملاقاتِ ایشان از بسیطِ این عرصهٔ مدّس در محیطِ گنبد اطلس افتاد و طنین ذباب الغضبِ هیبت از وقعِ مقارعت هر دو فریقین بگوش روزگار آمد. روباه گفت: بدان، ای ملک، که کار بعضی آنست که بشجاعت و مردانگی پیش شاید برد و بعضی بدانش و فرزانگی و بعضی بشکوهِ وقع و هیبت و حَمداًللهِ تَعَالَی ، ترا اسبابِ این سعادت جمله متکاملست و امدادِ این دولت متواصل. وقت آنست که مردانِ کار نیابتِ فرق بقدم ندهند و جواب خصم از سرِ شمشیر با زبانِ قلم نیفکنند، نیزهٔ حرب ، اگر خود مار جانگزایست، بدستِ دیگران نگیرند، لعابِ این مار، اگر خود شربتِ مرگست، اول چاشنی آن بمذاقِ خود رسانند.
Ъболаҳи ънқи аллиси ман аҷали ана
عَبَالَهُٔ عُنقِ اللَّیثِ مِن اَجلِ اَنَّهُ
Азои модҳоаҳи алхтби қоми бнФсаҳ
اِذَا مَادَهَاهُ الخَطبُ قَامَ بِنَفسِهِ