Озодчҳраҳ даромад , мураққаъӣ чун саҷҷода бе зинати сӯфӣона аз Фўтаҳи шобўрӣу итобии ншобўрии чуст дар бар карда , мтҳлии бтأдиби зоту таҳзиби сифот , чун ақли млхсу рӯҳи мушаххас дар назарҳо омаду бадасти бӯси расида , аз бори виқори ҳазрати мутаъассир ва дар азёли даҳшати мтъср , бмқомикаҳ тахассус рафт . Боистод .
آزادچهره درآمد ، مرقّعی چون سجّادهٔ بی زینتِ صوفیانه از فوطهٔ شابوری و عتابی نشابوری چست در بر کرده، متحلّی بتأدیبِ ذات و تهذیبِ صفات، چون عقلِ ملخّص و روحِ مشخّص در نظرها آمد و بدست بوس رسیده، از بارِ وقار حضرت متأثّر و در اذیالِ دهشت متعثّر ، بمقامیکه تخصّص رفت. بایستاد.
Ва фавқи алсрири ибни алмулуки азои бдо
وَ فَوقَ السَّرِیرِ ابنُ المُلُوکِ اِذَا بَدَا
Ихри ?лаи ман фарти ҳайбатаи аннос
یَخِرَّ لَهُ مِن فَرطِ هَیبَتِهِ النَّاسُ
Ва зоки мақоми лои тўФиаҳи ҳуққа
وَ ذَاکَ مَقَامٌ لَا تُوَفِّیهِ حَقَّهُ
Азои лами инби фӣаи ани алқдми алрос
اِذَا لَم یَنُب فِیهِ عَنِ القَدَمِ الرَّاسُ
Иҳаҳ барисам поймардӣу дастёрӣ забон багушӯду ҷиҳати густох шудани озодчҳраҳу фарох кардани маҷоли тбст овоз баровард ва гуфт :
یهه برسم پایمردی و دستیاری زبان بگشود و جهتِ گستاخ شدن آزادچهره و فراخ کردن مجالِ تبسّط آواز برآورد و گفت :
Ҳарчи пўӣ , хубат ояд ҳамчу бар тоўси пар
هرچ پوی، خوبت آید همچو بر طاوس پر
Ҳарчи гўӣӣ нағзат ояд чун наво аз андалеб
هرچ گوئی نغزت آید چون نوا از عندلیب
Биҳамдиллоҳи ҳарчи Фрмоӣӣу нмоӣии қдўаҳи ақлу қиблаи ъқлоء ҷаҳон бошад , агар насиҳатӣу васиятӣ ки шоҳ башнавад ва дар таъдили умӯру тақвими сиҳҳати аҳволи ҷумҳӯр ҳамеша дастур хеш гирданд , дории дареғи мадору ҳарч пеш хотираст аз кашфи блўӣу бси ?шкевӣу шарҳи зломоту арзи ҳоҷот бетҳошӣ бигӯӣ ки маҷол аўмид восеъасту сҷоли карами фоиз . Озод чеҳр гуфт :
بحمدالله هرچ فرمائی و نمائی قدوهٔ عقل و قبلهٔ عقلاءِ جهان باشد، اگر نصیحتی و وصیتی که شاه بشنود و در تعدیلِ امور و تقویمِ صحّتِ احوال جمهور همیشه دستور خویش گرداند، داری دریغ مدار و هرچ پیش خاطرست از کشفِ بلوی و بثِّ شکوی و شرحِ ظلامات و عرضِ حاجات بیتحاشی بگوی که مجالِ اومید واسعست و سجالِ کرم فایض. آزاد چهر گفت :
эй ки зи инсофи ту сӯрати минқори Кебек
ای که ز انصافِ تو صورتِ منقارِ کبک
Сӯрат миқроз шуд бар пару боли уқоб
صورتِ مقراض شد بر پر و بال عقاب
Ақл надорад шигифт гар шавад аз адли ту
عقل ندارد شگفت گر شود از عدلِ تو
Донаи анҷӣри руз , доми гулӯии ғроб
دانهٔ انجیر رز ، دامِ گلویِ غراب
Ман бандаро диргоҳст то иштиёқи наъл дар оташи фироқи ин ҳазрат ниҳодасту хаёли хизмати шаҳриёр ки пайвастаи мФри оворагони ҳаводису мақари хастагони макораи бод , пеши дидаи дил мтмсл дорам , блаки дили бпиши оҳангии корвони сӯрати худ солҳост то бмнзл раседасту ӣнҷои фурӯди омадау имрӯз ки сӯрат низ марҳала дар марҳала ҷибол буриду баъд аз таии масолику қатъи мамолик бо маънӣ мушорикат ёфт ва дарин бандагӣ ҳар ду баҳаманду эзад , ъзи исмау таъолӣ , моро мсФи суҳбати бум сафатон шавам дидори бмтори ҳиммати ин эй мубораки сояи расонид . Арсаи умеди мнФҳст ки шФоءи ҳамаи иллатҳоу сади ҳамаи хлтҳои бад-ӣни садаи мниФу ъқўаҳ шариф кунам ва аз шар ?мукуаеду офати мсоид дар ҳавзаи аҳтмоءи ин ҳарами карами осоиши байнам ва фориғ нишинам ки гуфтаанд : раияти ботФол норасида монаду подшоҳи одили бмодри меҳрбон ки аз обу оташи рӯзгори ҳеҷ ҳофизу рақиби эшонро чун худ надонад .
من بنده را دیرگاهست تا اشتیاق نعل در آتش فراق این حضرت نهادست و خیالِ خدمتِ شهریار که پیوسته مفرِّ آوارگان حوادث و مقرِّ خستگان مکاره باد، پیش دیدهٔ دل متمثّل دارم، بلک دل بپیش آهنگیِ کاروانِ صورت خود سالهاست تا بمنزل رسیدست و اینجا فرود آمده و امروز که صورت نیز مرحله در مرحله جبال برید و بعد از طیِّ مسالک و قطعِ ممالک با معنی مشارکت یافت و درین بندگی هر دو بهماند و ایزد ، عَزَّ اسمُهُ وَ تَعَالَی ، ما را مسفِّ صحبتِ بوم صفتانِ شوم دیدار بمطارِ همّتِ این همایِ مبارک سایه رسانید. عرصهٔ امید منفحست که شفاءِ همه علّتها و سدّ همه خلّتها بدین سدّه منیف و عقوهٔ شریف کنم و از شرِّ مکاید و آفتِ مصاید در حوزهٔ احتماءِ این حرمِ کرم آسایش بینم و فارغ نشینم که گفتهاند: رعیّت باطفال نارسیده ماند و پادشاه عادل بمادر مهربان که از آب و آتش روزگار هیچ حافظ و رقیب ایشان را چون خود نداند.
Бнўи мтри явми аллқоءи кأнҳм
بَنُو مَطَرٍ یَومَ اللِّقَاءِ کَأَنَّهُم
Асвади лҳои фии ғили хФони ашбл
اُسُودٌ لَهَا فِی غِیلِ خَفَّانَ اَشبَلُ
Ҳам иФзўни алҷор ҳатто конмо
هُم یَفَظُونَ الجَارَ حَتَّی کَاَنَّمَا
Лҷорҳми фавқи алсмокини манзил
لِجَارِهِم فَوقَ السِّمَاکَینِ مَنزِلُ
Шоҳ гуфт : орамида ва осӯда бош ва чун баъд аз гузарондани ақаботи уқубати бмткои истироҳату млтҷои ин соҳати пайвастӣ , асосу амтъаҳу мкнўзу мдхр аз мҳмўлоти асқолу манқӯлоти аҳмоли хонаи ҷумлаи бҷоигоҳии нақл бояд кардан ки ихтиёр уфтад озодчҳраҳ гуфт :
شاه گفت : آرمیده و آسوده باش و چون بعد از گذراندنِ عقباتِ عقوبت بمتّکایِ استراحت و ملتجایِ این ساحت پیوستی ، اثاث و امتعه و مکنوز و مدّخر از محمولاتِ اثقال و منقولاتِ احمالِ خانه جمله بجایگاهی نقل باید کردن که اختیار افتد آزادچهره گفت :
Ҳисмои сарати лои ахлФи рҳло
حَیثُمَا سِرتُ لَا اُخَلِّفُ رَحلاً
Ман ронии Фқди ронӣу раҳлӣ
مَن رَآنِی فَقَد رَآنِی وَ رَحلِی
Заъфи ҳоли ман бандаи заъиф ҳануз маълуми рой олӣ несту хонаи ман ҳамеша бар гузаргоҳи сайл ҳдсон будаст ва дар маърази тӯфони туғёни зулм ва онгаҳ ки бад-ӣни ҷўдии карами вуҷӯд паноҳ оварадаму бад-ӣни ҳисори исмати тмнъи сохтам ва аз мзиқи он ъусру ноМуродии бФзои ин басару комёбии омадам , дерӣ буд то зулмаи рӯзгори хонаи фуруши астзҳор ман зада буданд ва ман аз дасти нҳбу наҳифи тороҷи эшон , лӣси фии албити сӯии албит бар хонда , балии ҷуфтӣ ки модар атфоласт ҷигари бдоғи эшон тофтау чандини чашму чароғро пеши чашми мурда ва кушта ёфта , бо худ овардаам ва дар гӯшаи нишонда то ишорати ҳазрат аз хондан ва рондан ва навохтан ва андохтан бар чаҳ ҷамалат раваду толеъи таҳвилӣ ки кардаем азин матлаъи офтоби ҷалол чаҳ таъсири намояд ? шоҳ гуфт : ҳама то ӣнҷо буд хуш бошу ҷуфти мусоидро ки аз баҳри мъсму соиди айши ҳеҷ зеварии зеботар аз эшон нест , онҷо ки хоҳӣ дар ҳарими амну истиқомату ситораи офият ва иффат бинишон ки ситораи меҳнатро даври ҷавр бпоён раседу рӯзгори ошуфтаро фарҷоми хуби анҷом падед омад ъу ани алблоёи ани тувалети тўлт , озодчҳраҳ хизмат карду намози бараду дъоӣӣ ки воҷиб вақт омад , бигуфту бози гашту бнздик аиро шуду ҳикояти ҳоли босрҳо аз ҳарчи рафта буд , бадви расонид ва шарҳ дод ки чун баборгоҳи малик роҳ ёфт , маврид ӯро бкдоми тбҷил талаққӣ карду бўрўду талоқе ӯ чаҳ моя аҳтзор намӯду мақдамашро чигуна муғтанам дошт ва бар нузулу вусӯл ӯ чаҳ абвобу фусӯл бтқрир расед . Аиро аз истимоъи он сухану астбшори он ҳолат ва астзҳор бидон долат ки ҳосил омад , маҳсӯли зиндагонии гузаштаи боздиду назар бар боқии ниҳод ки дар хизмати остонаи маймун ӯ суҳбатӣ аз ҳаводис мأмўн бигузаранд ва онгаҳ озодчҳраҳу аиро ҳар ду бإироء занад ман алъзимаҳи лоикбўи аўорҳоу арҳоФи сайфи ман алсримаҳи лои инбўи ғрорҳо бар он қарор гирифтанд ки дар мъотФи кнФи ъотФту давлати шоҳи маскан ва мأўӣ сохтанд ва дар он мأмни дил бар ватан ниҳоданд .
ضعفِ حال من بندهٔ ضعیف هنوز معلومِ رایِ عالی نیست و خانهٔ من همیشه بر گذرگاهِ سیلِ حدثان بودست و در معرضِ طوفانِ طغیانِ ظلم و آنگه که بدین جودیِّ کرم وجود پناه آوردم و بدین حصارِ عصمت تمنّع ساختم و از مضیقِ آن عسر و نامرادی بفضایِ این بسر و کامیابی آمدم ، دیری بود تا ظلمهٔ روزگار خانه فروشِ استظهار من زده بودند و من از دستِ نهب و نهیبِ تاراجِ ایشان ، لَیسَ فِی البَیتِ سِوَی البَیتِ بر خوانده ، بلی جفتی که مادرِ اطفالست جگر بداغ ایشان تافته و چندین چشم و چراغ را پیشِ چشم مرده و کشته یافته، با خود آوردهام و در گوشهٔ نشانده تا اشارتِ حضرت از خواندن و راندن و نواختن و انداختن بر چه جملت رود و طالعِ تحویلی که کردهایم ازین مطلعِ آفتاب جلال چه تأثیر نماید ؟ شاه گفت : همه تا اینجا بود خوش باش و جفتِ مساعد را که از بهرِ معصم و ساعدِ عیش هیچ زیوری زیباتر از ایشان نیست، آنجا که خواهی در حریمِ امن و استقامت و ستارهٔ عافیت و عفت بنشان که ستارهٔ محنت را دورِ جور بپایان رسید و روزگارِ آشفته را فرجام خوب انجام پدید آمد ع وَ اِنَّ البَلَایَا اِن تَوَالَت تَوَلَّتِ ، آزادچهره خدمت کرد و نماز برد و دعائی که واجبِ وقت آمد، بگفت و باز گشت و بنزدیکِ ایرا شد و حکایتِ حال بَاَسرِهَا از هرچ رفته بود ، بدو رسانید و شرح داد که چون ببارگاهِ ملک راه یافت ، موردِ او را بکدام تبجیل تلقّی کرد و بورود و تلاقیِ او چه مایه اهتزار نمود و مقدمش را چگونه مغتنم داشت و بر نزول و وصولِ او چه ابواب و فصول بتقریر رسید. ایرا از استماع آن سخن و استبشارِ آن حالت و استظهار بدان دالّت که حاصل آمد، محصولِ زندگانی گذشته بازدید و نظر بر باقی نهاد که در خدمتِ آستانهٔ میمون او صحبتی از حوادث مأمون بگذراند و آنگه آزادچهره و ایرا هر دو بِإِیرَاءِ زَندٍ مِنَ العَزِیمَهِ لَایَکبُو اُوَارُهَا وَ اِرهَافِ سَیفٍ مِنَ الصَّرِیمَهِ لَا یَنبُو غِرَارُهَا بر آن قرار گرفتند که در معاطفِ کنفِ عاطفت و دولتِ شاه مسکن و مأوی ساختند و در آن مأمن دل بر وطن نهادند.